फर्रुखाबाद। शहर में सीवर लाइन का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है। अब गंदे नालों का पानी गंगा में जाने से रोकने के लिए इन्हें टैप किया जाएगा। नालों को टैप करने का प्रस्ताव जल निगम कन्नौज को दिया गया है। अभी इनका स्टीमेट नहीं बना है। सीवर लाइन के प्रोजेक्ट को दूसरी प्राथमिकता पर रखा गया है।
वर्ष 2012 में जल निगम ने फतेहगढ़ व फर्रुखाबाद के लिए सीवर लाइन का प्रोजेक्ट बनाया था। तकनीकी खामियों के चलते यह प्रोजेेक्ट तीन बार रिवाइज किया गया। प्रोजेक्ट के तहत दोनों नगरों में 177 किलोमीटर सीवर लंबी लाइन पड़नी थी। दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने थे।
इसके लिए जल निगम ने 454.37 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया था। यह प्रस्ताव अब ठंडे बस्ते में है। सीवर लाइन प्रोजेक्ट की जगह केंद्र सरकार ने शहर के नालों को टैप करने का प्रस्ताव मांगा है।
शहर में छह बड़े गंदे नाले हैं। इनमें से बरगदिया घाट और कैंट नाले का पानी ऑक्सीडेशन तालाब में जाता है। हाथीखाना, पक्का पुल, बीबीगंज व टोकाघाट नाले का पानी गंगा में जाता है। इन नालों को पहले टैप किया जाएगा। इसका प्रस्ताव जल निगम कन्नौज के हवाले किया गया है।
यहां से यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। जल निगम के एक्सईएन पंकज यादव ने बताया कि इंटरसेप्शन एंड डायवर्जन योजना के तहत नालों को टैप करने का प्रोजेक्ट प्राथमिकता पर है। सीवर लाइन का प्रोजेेक्ट इसके बाद अमल में आएगा।