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Farrukhabad News: तंग गलियों और संकरी सीढ़ियों वाले कोठरियों में चल रहा कोचिंग का कारोबार

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फर्रुखाबाद। आग लगने की कई घटनाओं के बावजूद जिम्मेदारों की शह पर मौत के चैंबरों में ज्ञान दिया जा रहा है। कहीं आठ फीट चौड़ी दुकान पर तीन मंजिला मकान में तीन-तीन फीट की सीढ़ियां हैं और कहीं सड़क से चार फीट ऊंंची लोहे की सीढ़ी फिर तीन फीट चौड़ी सीढ़ियों से चढ़ने के बाद प्रथम तल पर कोचिंग संचालित हो रही हैं। इसमें आपात स्थिति में सुरक्षित निकलना संभव नहीं है। कई स्थानों पर तो कूदने तक की जगह नहीं है। वहीं, जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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शहर के गली-मोहल्लों, दुकानों और मकानों में चल रही कोचिंग सेंटरों में मानक ताक पर रख दिए गए हैं। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में अग्निकांड के बाद शहर की कोचिंगों की पड़ताल में सुरक्षा के इंतजामों की पोल खुल गई। न तो मानक अनुरूप सीढ़ियां हैं और न ही आग बुझाने के उपकरण या पानी की व्यवस्था। अधिकांश कोचिंग सेंटरों में चारों तरफ खिड़की तक नहीं हैं।
क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान के पास चंद दिन पहले प्रथम तल पर नामी-गिरामी कोचिंग सेंटर खोला गया। फुटपाथ से चार फीट ऊंची लोहे की तीन फीट चौड़ी सीढ़ियां हैं। इसके बाद तीन फीट की सीढ़ियां प्रथम तल तक बच्चों को चढ़ने और उतरने के लिए बनी हैं। प्रथम तल के हॉल में कक्षावार केबिन बनाए गए हैं, उन्हीं में बच्चों को पढ़ाया जाता है। आपात स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने के लिए चारों तरफ कोई रास्ता नहीं है।
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बढ़पुर की एक कोचिंग आठ फीट चौड़ी दुकान के ऊपर तीन मंजिला मकान में चल रही है। तीन फीट चौड़ी सीढ़ियों से ऊपर जाने और आने का रास्ता है। पास की ही एक संकरी गली के मकान में भी कोचिंग सेंटर चलाया जा रहा है। इसी तरह भोलेपुर में भीमसेन मार्केट के आसपास दो मंजिला भवन में कोचिंग चल रही है। यहां सिर्फ एक कोचिंग सेंटर के पास अग्निशमन विभाग से एनओसी है। बाकी के पास आग बुझाने के लिए न तो पर्याप्त पानी की व्यवस्था है और न ही अग्निशामक उपकरण। किसी भी कोचिंग में आपात स्थिति में निकलने के लिए दूसरा रास्ता तक नहीं है। आग लगने जैसी घटना होने पर एक रास्ते से ही छात्र-छात्राओं का निकलना मुश्किल हो सकता है।

17 का पंजीकरण, 200 से ज्यादा हो रहीं संचालित
हर गली-मोहल्लों के अलावा स्कूल-कालेजों में मुख्य विषयों के शिक्षक घरों में कोचिंग सेंटर चला रहे हैं। सार्वजनिक रूप से 200 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक के यहां मात्र 17 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं। सबसे बड़ी कोचिंग में छात्रों की संख्या 50 दर्शाई गई है, जबकि कई कोचिंग सेंटरों में 200-200 बच्चे बताए जा रहे हैं।

कोचिंग सेंटर में धमाके से जा चुकी दो छात्रों की जान
फर्रुखाबाद। शहर के सेंट्रल जेल चौराहे के पास संचालित सन लाइब्रेरी सेल्फ स्टडी प्वाइंट कोचिंग में चार अक्तूबर 2025 को दोपहर तीन बजे के करीब जोरदार विस्फोट हुआ था। कोचिंग पढ़ रहे नौ बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आकाश सक्सेना (24) और आकाश कश्यप (22) की मौत हो गई थी। उनके शरीर का अधिकांश हिस्सा गायब हो गया था। कुछ दिन जांच के बाद मामला शांत हो गया था।
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मात्र एक कोचिंग के पास एनओसी : प्रभारी एफएसओ
प्रभारी एफएसओ विनोद सिंह ने बताया कि भोलेपुर की सिर्फ एक कोचिंग सेंटर के पास एनओसी है। उन्होंने शाम से ही चेकिंग अभियान शुरू किया है। सन क्लासेस में कई कमियां मिली हैं। देर शाम तक चेकिंग कर रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे। निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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