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रोक के बाद भी कारखानों में हो रही कपड़ों की रंगाई

Sun, 04 Jan 2015 11:35 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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छपाई कारखानों ने हाकिमों के फरमानाें को ठेंगा दिखा दिया है। यहां गुपचुप तरीके से रंगाई व धुलाई का काम हो रहा  हैं। नालियाें में बहता रंगीन पानी खुद ही सारी कहानी साफ कर देता है। दो जनवरी से छपाई की सारी इकाइयां बंद करने का आदेश हुआ था। रविवार को नालियाें में रासायनिक रंगों वाला पानी बहता मिला।
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यहां धुले हुए कपड़े भी सूख रहे थे। इसमें खास यह है कि शनिवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिम्मेदार 13 इकाइयाें का मुआयना कर सभी को क्लीन चिट भी दे गए थे। दो जनवरी से 14 फरवरी तक 23 दिन वस्त्र छपाई के कारखाने बंद रखे जाने हैं। जिले में 91 इकाइयां हैं, जिनमें से 64 में ईटीपी नहीं है। गीला काम बंद रखने का फरमान सभी इकाइयाें के लिए है।

रविवार को अमर उजाला की पड़ताल में अंगूरीबाग इलाके की नालियों में रंगीन पानी बहता दिखा। जगह-जगह कपड़े सूख रहे थे। पुराने कपड़ाें को सूखने के बाद इन्हें गोदामाें में ले जाया जा रहा था। शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  के अवर अभियंता यूसी वर्मा ने
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कायमगंज की दो व शहर की 11 इकाइयों का मुआयना किया था। इनका कहना है कि सारी इकाइयां बंद मिलीं। नालियाें को भी चेक किया। इनमें रंगीन पानी था ही नहीं। यूसी वर्मा ने बताया कि अब छापामारी की जाएगी।
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