फर्रुखाबाद। पुलिस ऑफिस में रिश्वत लेते वरिष्ठ लेखाकार भले ही दबोच लिया गया है, लेकिन अभी कई विभागों के लिपिक निशाने पर हैं। हाकिमों के करीब लिपिक देयकों के भुगतान से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग में धन उगाही का खेल कर रहे हैं। इससे विभागीय कर्मचारी ही परेशान हैं।
सरकार भले ही जीरो टॉलरेंस नीति चला रही है, लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है। अधिक कर्मचारी वाले विभागों में मलाईदार पटलों की भी बोली लगती है। इससे हाकिम के करीबी ही मलाईदार पटलों पर काबिज होते हैं। वह बेखौफ होकर वसूली करते हैं। कर्मचारियों की मानें तो सेवानिवृत्त कर्मचारी के देयकों के भुगतान और मनमाने कार्यस्थल पर ट्रांसफर-पोस्टिंग में मोटी रकम वसूली जा रही है।
इसके अलावा पेंशन स्वीकृति, मेडिकल क्लेम, एरियर भुगतान में भी वसूली का खेल चलता है। कुछ विभागों की शिकायत शासन तक पहुंच चुकी है। इससे चिह्नित किए गए लिपिक निशाने पर हैं। हालांकि पुलिस ऑफिस में रिश्वत लेते वरिष्ठ लेखाकार को दबोचे जाने के बाद खिलाड़ी लिपिक चौकन्ने हो गए, लेकिन उनके भी जल्द ही चंगुल में फंसने का अनुमान लगाया जा रहा है।