फर्रुखाबाद। शिक्षक का पहले वेतन रोका गया और बाद में निलंबत कर दिया गया। 11 माह से वेतन रुका होने और निलंबित हुए आठ माह गुजर जाने के बाद भी बीईओ ने आरोप पत्र देकर निलंबन की जांच कर रिपोर्ट बीएसए को नहीं दी। इससे शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इसके चलते गोद भराई के बाद बेटी की शादी टूट गई। अब शिक्षक ने परिवार समेत आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में बीएसए को प्रार्थना पत्र दिया है।
प्राथमिक विद्यालय वनकिया मोहम्मदाबाद के निलंबित प्रधानाध्यापक विनोद कुमार मिश्रा ने बीएसए को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि विद्यालय की मासिक सूचनाएं एनपीआरसी को दी थीं। उन्होंने सूचनाएं बीआरसी पर जमा नहीं कीं। इससे अप्रैल 2019 को उनका वेतन रोक दिया गया। 24 जुलाई 2019 को गलत आरोप लगाकर निलंबित कर दिया गया।
इससे वह आर्थिक रूप से कमजोर हो गया। ऐसे में गोदभराई के बाद पुत्री की शादी टूट गई। निलंबन की जांच बीईओ शमसाबाद को दी गई। उन्होंने अभी तक न तो आरोप पत्र दिया और न ही आरोपों की जांच कर आख्या दी। इससे वह अब परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर होगा। पीड़ित ने बीएसए से निलंबन आदेश निरस्त करने और विद्यालय में कार्यभार ग्रहण कराने की मांग की है।
बीएसए ने बीईओ को नोटिस भेज मांगा स्पष्टकरण
बीएसए लालजी यादव ने बताया कि बीईओ शमसाबाद को नोटिस जारी किया है। निलंबन के संबंध में जांच कर आख्या न देना लापरवाही है। निलंबन प्रकरण की जांच किस कारण नहीं की गई। इस संबंध में दो दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।