कायमगंज। मंडी समिति में चल रही तोड़फोड़ के कार्य को एसडीएम ने मौके पर पहुंच रुकवा दिया है। कार्यदायी संस्था से निर्माण संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज देखने के बाद ही प्लेटफार्म तोड़ा जाएगा। प्लेटफार्म तोड़ने का कार्य रुकने पर व्यापारियों में खुशी है।
कायमगंज मंडी समिति का राष्ट्रीय कृषि योजना के तहत आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसके तहत 5 करोड़ 91 लाख की लागत से ई-नेम आफिस, फसल की गुणवत्ता जांचने के लिए लैब, विश्राम गृह, कैंटीन, ढाबा, दो आधुनिक गेट, पेस्टीसाइड रेजीड्यूल टेस्टिंग लैब पूर्व निर्मित दुकानों व आवासों की मरम्मत के लिए टेंडर हुआ है। यह टेंडर आगरा की प्रज्ञा कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला है। बुधवार को मंडी में बने प्लेटफार्म व टिन शेड को ध्वस्त कर ई-नेम दफ्तर व लैब के लिए जगह खाली की जा रही थी। टिन शेड में व्यापारियों का माल भी रखा है।
मंडी सचिव ने उन्हें नोटिस देकर खाली कराने को कहा है। टीन शेड तोड़े जाने की खबर अमर उजाला में गुरुवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित हुई। इसे संज्ञान में लेकर सुबह एसडीएम अमित आसेरी मंडी पहुंचे। वहां उन्हें कार्यदायी संस्था का कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। उन्होंने मंडी इंस्पेक्टर शिवम गुप्ता से कहा कि प्लेटफार्म तोड़ने का कार्य रुकवा दें और कार्यदायी संस्था के लोग पूरे दस्तावेज लाकर उन्हें दिखाएं, इसके बाद काम शुरू कराएं। एसडीएम के निर्देश पर फिलहाल काम रोक दिया गया है।
एसडीएम ने बताया प्लेटफार्म तोड़ने का काम रोका गया है। कार्यदायी संस्था के लोग शुक्रवार को दस्तावेज दिखाएंगे। इसके बाद काम शुरू होगा।
काम रुकने पर व्यापारियों में खुशी
कायमगंज। ई-नेम दफ्तर व लैब के लिए तोड़े जा रहे प्लेटफार्म पर गल्ला व्यापारी प्रेमराज शाक्य, बालकराम यादव, छुट्टन रस्तोगी, सचिन रस्तोगी आदि का माल रखा है। कुछ भाग उन्होंने खाली कर दिया है। व्यापारियों का कहना है। इसे तोड़कर मंडी का आधुनिकीकरण होना उचित नहीं है। जबकि परिसर काफी जगह खाली भी पड़ी है। कहीं भी लैब बनाया जा सकता है। इसे तोड़ने में भी काफी खर्च होगा और व्यापारियों के समस्या हो जाएगी।