कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे लेखपाल। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में लेखपालों का धरना 12 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को आठवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने दमनात्मक कार्रवाई को सरकार की बौखलाहट का परिचायक बताया। कहा कि मांगों के संबंध में शासनादेश जारी होने पर हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी। हड़ताल का नेतृत्व करने वाले जिला व तहसील अध्यक्ष सहित आठ लेखपाल निलंबित कर दिए गए।
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर हड़ताल करने वाले लेखपालों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में गुरुवार को शासन के आदेश पर उपजिलाधिकारी सदर अनिल कुमार ने चार लेखपालों को निलंबित कर दिया। इसमें लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष सैदमीर खां, जिला मंत्री अजीत द्विवेदी, सदर तहसील अध्यक्ष श्यामबाबू श्रीवास्तव व तहसील मंत्री अवनीश शाक्य शामिल हैं। वहीं तहसील अमृतपुर के एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने तहसील अध्यक्ष संजय सिंह व मंत्री पवन कुमार को सस्पेंड किया है।
कायमगंज तहसीलदार भोपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने लेखपाल संघ तहसील अध्यक्ष अजय कुमार व मंत्री कृष्णकांत को निलंबित किया है।
दूसरी ओर कलेक्ट्रेट परिसर में लेखपाल संघ का धरना प्रदर्शन जारी रहा। कायमगंज तहसील अध्यक्ष डा. अजय कुमार सिंह ने कहा कि लेखपालों को चतुर्थश्रेणी के समान ग्रेड पे पर काम करना पड़ता है। जबकि ई-डिस्ट्रिक्ट से लेकर खसरा-खतौनी आदि सभी कार्य करने होते हैं। इससे तकनीकी पद घोषित कर लेखपालों को ग्रेड-पे उच्चीकृत किया जाए। वेतन विसंगति भी दूर की जाए।
जिलाध्यक्ष सैदमीर खां ने कहा कि अपना हक मांगने पर सरकार ने दमनात्मक कार्रवाई का रवैया अपनाया है, यह सरकार की बौखलाहट का परिचायक है। अब किसी भी परिस्थिति में लेखपाल झुकने को तैयार नहीं हैं। जायज मांगों को लेकर शासनादेश लागू होने तक हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि प्रशासन द्वारा की गई निलंबन की कार्रवाई के बारे में उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया है। धरने में विवेक पांडेय, प्रताप सिंह, उपेंद्र कुमार, संजीव दुबे, राजेश शुक्ला, सर्वेश कुमार आदि लेखपाल मौजूद रहे। उधर, तीनों तहसीलों के 205 लेखपालों को संबंधित एसडीएम ने सर्विस ब्रेक का नोटिस जारी कर दिया है।