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पटल परिवर्तन के बाद भी जमे रहे वर्षों पुराने लिपिक

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फर्रुखाबाद। नलकूप विभाग में अनियमितताओं की जांच चार माह से चलने के बावजूद मनमानी पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। स्थानांतरण होने के बावजूद लिपिक दशकों से कुर्सी पर डटे हैं। हालांकि खाली घूम रहे चार लिपिकों का पटल परिवर्तन के नाम पर औपचारिकता पूरी कर दी गई है।
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नलकूप विभाग में करीब 16 लिपिक तैनात हैं। इसमें आधा दर्जन लिपिक ऐसे हैं जो 10 वर्ष से लेकर 25 वर्ष पुराने होने के साथ एक ही पटल पर जमे रहकर कई पटलों की जिम्मेदारी संभाले हैं। मलाईदार इन पटलों के लिपिकों का पूर्व में स्थानांतरण होने के बावजूद इन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया। और तो और जिम्मेदारों ने इनके पटल तक नहीं बदले। वहीं, आधा दर्जन लिपिक बिना काम के रहते हैं। उन्हें कोई जिम्मेदारी दी गई है। फिलहाल चार लिपिकों के पटल बदले गए हैं। इनमें खंडीय कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक राघवेंद्र सिंह गंगवार को चतुर्थ उपखंड कार्यालय में भेजा गया। जबकि मनोज कुमार को चतुर्थश्रेणी अधिष्ठापन, जीपीएफ व कोर्ट केस की जिम्मेदारी मिली है।
कनिष्ठ सहायक सचिन कटियार सेक्शन मिस्त्री अधिष्ठापन संबंधी कार्य देखेंगे। जो वर्ष में बमुश्किल एक-दो दिन का कार्य होता है। जबकि इसी माह आए कनिष्ठ सहायक शैलेंद्र सिंह की उपखंडीय लिपिक द्वितीय के स्थान पर तैनाती दी गई है। अधिशासी अभियंता ओपी गुप्ता ने बताया कि खाली घूम रहे चार लिपिकों को कुछ काम की जिम्मेदारी दी गई है। कौन लिपिक कितने वर्ष पुराना है, यह देखकर शीघ्र ही पटल परिवर्तन किया जाएगा।
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