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Farrukhabad News: हाईकोर्ट में सिटी मजिस्ट्रेट ने मांगी मांफी, ध्वस्तीकरण आदेश निरस्त

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फर्रुखाबाद। शहर के ठंडी सड़क स्थित केएम हाउस, केएम इंडिया के ध्वस्तीकरण के दोनों आदेशों को हाईकोर्ट ने गुरुवार को निरस्त कर दिया। डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट हाईकोर्ट में हाजिर हुए। सिटी मजिस्ट्रेट ने कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी। कोर्ट ने उन्हें गलती न दोहराने की हिदायत दी।
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शहर के ठंडी सड़क निवासी गौरव अरोड़ा के केएम हाउस और केएम इंडिया के भवनों को सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने गिराने के आदेश पारित कर दिए था। यह इमारतें तालाब की भूमि पर बनी पाई गई हैं। इस आदेश के खिलाफ पीड़ित पक्ष ने डीएम कोर्ट में अपील की, मगर वह खारिज कर दी गई।



इस पर गौरव ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने गुरुवार को डीएम संजय कुमार सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव को तलब किया था। हाईकोर्ट में दीपाली ने व्यक्तिगत रूप से कैविएट दाखिल करने के लिए बिना शर्त माफी मांगी। कोर्ट ने माफीनामा स्वीकार कर ऐसी गलती दोबारा न करने की हिदायत दी।
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न्यायाधीशों ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन किया गया है। कोर्ट ने कहा कि 21 दिसंबर 2022 और नौ फरवरी 2023 के आदेशों का अध्ययन किया गया है। याचिकाकर्ताओं की आपत्तियां निर्धारित प्राधिकारी के समक्ष नहीं रखी गई थीं। इसलिए याचिका के साथ संलग्न विभिन्न दस्तावेजों की सराहना किए बिना विवादित आदेश पारित किया गया था। नोटिस की तामील भी विवादित है। ऐसा प्रतीत होता है कि आदेश जारी करते समय प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पर्याप्त रूप से पालन नहीं किया गया था। याचिकाकर्ताओं के साथ पक्षपात किया गया। इन आदेशों से याचिकाकर्ताओं को क्षति हो सकती है।



कोर्ट ने 21 दिसंबर 2022 और नौ फरवरी 2023 के आदेशों को रद्द कर दिया। कहा कि याचिकाकर्ता तीन सप्ताह में सभी दस्तावेज के साथ अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद ही निर्धारित प्राधिकरण कानून के अनुसार आदेश पारित होगा।

देर रात तक अफसरों के यहां पहुंचते रहे आदेश

केएम हाउस, केएम इंडिया और गुरुशरणम् होटल को गिराने संबंधी तैयारियां बुधवार देर रात तक चलती रहीं। सिटी मजिस्ट्रेट के दफ्तर से देर शाम तक अफसरों के यहां ठंडी सड़क पर गुरुवार सुबह छह बजे पहुंचने के आदेश रिसीव कराए जाते रहे। सुबह तीन बजे से पुलिस को ठंडी सड़क सील करने के निर्देश थे। मगर हाईकोर्ट के आदेश के बाद सारी तैयारियां रोक दी गईं।
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