माया हास्पिटल में शनिवार को जच्चा बच्चा की मौत होने के मामले में जांच
शुरू हो गई है। मृतका के पति ने रविवार को लोहिया महिला अस्पताल में आए
डीएम से न्याय की फरियाद की। इस पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएमओ समेत
तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी है। कमेटी ने रविवार को अस्पताल जाकर
रिकार्ड खंगाले।
मोहल्ला बाग लकूला निवासी विमल शाक्य की गर्भवती पत्नी
दुर्गा को 19 जून की रात आवास विकास तिराहा स्थित माया हास्पिटल में भर्ती
कराया गया था। यहां पर प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद प्रसूता
ने भी दम तोड़ दिया। जच्चा बच्चा की मौत पर परिवार के लोगों ने अस्पताल में
लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया था। विमल ने इस मामले में अस्पताल की
डा. पूनम शर्मा के खिलाफ लापरवाही की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार को
लोहिया महिला अस्पताल
पहुंचे डीएम एनकेएस चौहान से विभागीय जांच के लिए
मृतका के परिजनों ने गुहार लगाई। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए
जांच कमेटी बना दी। कमेटी में सिटी मजिस्ट्रेट पीके जैन, एसीएमओ डा.राजवीर
सिंह और महिला अस्पताल की सीएमएस डा. सरोजबाला को शामिल किया है। डीएम के
आदेश पर सुबह 11 बजे अधिकारी माया हास्पिटल पहुंचे। टीम के पहुंचते ही
हड़कंप मच गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल के संचालक डा. सतीश राजपूत और
डा. पूनम शर्मा से पूछताछ की। डा.
राजवीर ने अस्पताल का रिकार्ड चेक किया।
अस्पताल प्रशासन बायोमैट्रिक हाजिरी का रिकार्ड नहीं दिखा सका। ड्यूटी
स्टाफ की सूची टीम को दे दी गई। डा. राजवीर ने अस्पताल के स्टाफ की लिस्ट
मांगी। काफी देर तक डा. सतीश राजपूत टालमटोल करते रहे। इसके बाद लिस्ट दी
गई। डा. राजवीर ने कहा कि पैरामेडिकल स्टाफ की लिस्ट को चेक किया जाएगा।
अगर यह गैर प्रशिक्षु हुए तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना
वाले दिन मौजूद रहे स्टाफ से सोमवार को पूछताछ होगी।