क्रिसमस डे पर मसीह के स्वागत के लिए जिले की पांच ऐतिहासिक
चर्च भव्यता के साथ सजाए गए हैं। देर शाम यह चर्च दूधिया रोशनी से नहा उठे। गुरुवार को क्रिसमस डे के उपलक्ष्य में यहां प्रभु यीशु के जन्म पर
प्रार्थना होगी।
पुराना जिला अस्पताल स्थित क्राइस्ट चर्च 186 वीं साल
पुरानी है।
पादरी किशन मसीह के मुताबिक सन् 1842 में सीएनआई चर्च बढ़पुर,
सन् 1845 में सीएनआई सिटी चर्च, सन् 1856 में सीएनआई रखा चर्च और सन् 1857
में सीएनआई ऑल सोल्स चर्च फतेहगढ़ का निर्माण हुआ।
पादरी ने बताया कि
विधिवत पांचों चर्च में प्रभू यीशु की आराधना रोजाना होती है। गुरुवार को
क्रिसमस डे के उपलक्ष्य में चर्चों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यीशु का जन्म होते ही आतिशबाजी
फर्रुखाबाद। क्रिसमस डे की
पूूर्व संध्या पर नगर की सिटी चर्च, बढ़पुर चर्च, रखा चर्च और आल सोल्स
चर्च फतेहगढ़ दूधिया रोशनी से जगमगाती रहीं। सीएनआई चर्च बढ़पुर में गेंदा
और गुलाब के फूलों से भी प्रभु यीशु और क्रास निशान को सजाया गया है। मध्य
रात्रि यीशु का जन्म होते ही समाज के लोगों ने चर्च में आतिशबाजी छुड़ाकर
खुशियां मनाईं। यही नहीं हैप्पी मैरी क्रिसमस डे बोलकर एक-दूसरे को बधाई
दी।
खूब बिके पांच व दो किलो के केक
क्रिसमस डे की पूर्व
संध्या पर बेकरियों पर मसीह समाज के लोगों की भीड़ उमड़ी। सबसे ज्यादा
डिमांड दो और पांच किलोग्राम के केक की रही। गिफ्ट सेंटरों पर भी रौनक रही।
क्रिसमस पर्व धूमधाम से मनाने और अपनों को उपहार देने का उत्साह लोगों में
देखते ही बन रहा था।
रेलवे रोड, नया कोठा पार्चा, आवास-विकास, नेहरु रोड
और घुमना आदि पर स्थित गिफ्ट सेंटरों पर लोग अपनों के लिए उपहार खरीद रहे
थे। कोई प्रभु यीशु की सीनरी खरीद रहा था तो कोई की रिंग। बेकरियों पर केक
और चॉकलेट खूब बिके।
क्रिसमस ट्री और सेंटा क्लाज की भी खरीदारी
क्रिसमस
डे केक को लेकर दुकानों पर जमकर क्रिसमस ट्री और सेंटाक्लाज की बिक्री
हुई। बेकरियों पर भी केक और पेस्ट्री के आर्डर देने की होड़ रही। क्रिसमस
डे को लेकर रेलवे रोड, बढ़पुर, फतेहगढ़, नेहरू रोड, घुमना आदि स्थानों पर
दुकानदारों ने सेंटा क्लाज, क्रिसमस ट्री,
चाइना क्रिसमस फादर, क्रिसमस
फादर टोपी, क्रिसमस कार्ड, सेंटा क्लाज की ड्रेस जिंगल वेल, म्यूजिकल सेंटा
क्लाज आदि से दुकानें सजा रखी थीं। दुकानों पर आज क्रिसमस ट्री और सेंटा
क्लाज, क्रिसमस कार्ड आदि खरीदने के लिए भीड़ लगी रही। चर्च कंपाउंड निवासी
सुमन दयाल कहती हैं कि क्रिसमस डे पर क्रिसमस ट्री और सेंटा क्लाज का
विशेष महत्व होता है।
क्रिसमस कार्ड से ज्यादा बिके एसएमएस कार्ड
मोबाइल
के बढ़ते चलन के चलते क्रिसमस कार्ड की चमक फीकी हो गई है। इसका अंदाजा
इससे लगाया जा सकता है कि दुकानों पर सजे क्रिसमस कार्डों की बिक्री इस बार
करीब 20 प्रतिशत रही, जबकि एसएमएस कार्ड की बिक्री 60 प्रतिशत रही।
रेलवे
रोेड स्थित दुकानदार राहुल कुमार ने बताया कि उन्होंने क्रिसमस कार्ड दुकान
में सजाए थे लेकिन इस बार क्रिसमस कार्ड की बिक्री काफी कम रही। लागत
निकालना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं गढ़ी कोहना में मोबाइल शाप के मालिक
अरशद वारसी ने बताया कि सुबह से करीब दो हजार रुपये के एसएमएस कार्ड बेच
चुके हैं।