फर्रुखाबाद में जहां एक तरफ देश में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है वहीं, कोरोना महामारी व संचारी रोगों पर नियंत्रण को इस्तेमाल होने वाले थर्मामीटर (थर्मल स्कैनर) चीन के बने खरीदे जा रहे।
जिले की 600 ग्राम पंचायतों में घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 600 चीन के बने थर्मल स्कैनर खरीदे गए हैं। जो चार दिन में ही खराब होने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार अफसरों के गठजोड़ के कारण दिल्ली की फर्म ने मेड इन चाइना के उपकरणों की आपूर्ति की है। जिसका भुगतान ग्राम पंचायतों ने किया है। धूप में यह स्कैनर काम ही नहीं करते हैं। इनका तापमान खुद ब खुद बढ़ जाता है।
जिले की 600 ग्राम पंचायतों के लिए शासन ने पल्सआक्सीमीटर व थर्मामीटर (थर्मल स्कैनर) खरीदने के निर्देश दिए थे। प्रशासन ने दिल्ली की फर्म को आर्डर देकर पल्सआक्सीमीटर व थर्मामीटर मंगवा लिए। अब उनके खराब होने की शिकायतें मिल रही हैं। कमालगंज क्षेत्र में थर्मामीटर खराब होने की शिकायत आई है।
कमालगंज बीडीओ राजेश बघेल ने बताया कि थर्मामीटर धूप में ठीक काम नहीं करता है, छांव में टेंपरेचर सही बता रहा है। डीपीआरओ कार्यालय में रखा थर्मामीटर 102 डिग्री से कम बुखार बताता ही नहीं। सातनपुर मंडी में बनी कोरोना हेल्प डेस्क पर रखा थर्मामीटर 33.7 डिग्री से ऊपर बढ़ता ही नहीं है। दिल्ली की फर्म ने माना है कि 16 स्कैनरों में खराबी आई है।