मूक बधिर एवं नेत्रहीन बच्चों के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित
आवासीय कैंपों में गोलमाल चल रहा है। यहां बच्चों के उपभोग की वस्तुओं की
खरीद में फर्जीवाड़ा होने का मामला संयुक्त शिक्षा निदेशक के पास पहुंच गया
है। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक सतीश कुमार ने फर्जीवाड़े पर जांच बैठा दी
है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह से अभिलेखों समेत आख्या तलब की
है।
फतेहगढ़ के नरेंद्र सरीन मांटेसरी स्कूल के प्रांगण में कन्या
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रंगसाजान और सर्व शिक्षा अभियान के तहत मूक बधिर
एवं नेत्रहीन बच्चों के दो आवासीय कैंप चल रहे हैं। प्रत्येक केंद्र में
60-60 विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे पंजीकृत हैं। इनके लिए दैनिक उपभोग की
वस्तुओं की खदीद होती है। इसमें फर्जीवाड़ा होने की शिकायत राज्य परियोजना
निदेशक से की गई है। इसमें कहा गया कि दो कैंप एक ही स्थान पर चल रहे हैं।
इनमें पंजीकृत 120 बच्चों
में से 25 फीसदी कैंप में नहीं आते हैं। खाना व
अन्य सामान की खरीददारी 120 बच्चों के हिसाब से की जाती है। ड्रेस, रजाई,
गद्दा, जूता, मोजा, साबुन, तेल मंजन, कापी, टीएलएम व अन्य वस्तुओं की खरीद
में फर्जीवाड़ा किया गया। रजाई, गद्दा, मच्छरदानी खरीद में बड़े स्तर पर
फर्जीवाड़ा हुआ है। कैंप में प्रति वर्ष नई बैट्री एवं इनवर्टर की खरीददारी
दिखाकर फर्जी बिल तैयार किए गए और भुगतान कर लिया गया। जिन विद्यालयों में
विकलंाग बच्चे नहीं हैं, वहां
विकलांग बच्चों को दर्शा दिया गया। हेराफेरी
बजट बढ़वाने के उद्देश्य से की गई है। आरोप है कि फर्जीवाड़ा जिला समन्वयक
राजेश वर्मा और कैंप से जुड़े अन्य लोगों की मिलीभगत से हो रहा है। राज्य
परियोजना निदेशक ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को जांच का आदेश दिया
है। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक सतीश कुमार ने बीएसए को मामले की
जांच कर अभिलेखों के साथ दस दिन के अंदर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
120 में 58 बच्चे उपस्थिति
नरेंद्र सरीन मांटेसरी स्कूल में संचालित कैंप में शुक्रवार को 58 बच्चे
उपस्थित थे। यहां दो कैंप चल रहे हैं। इसमें 120 बच्चे पंजीकृत हैं। यह
कैंप आवासीय होने के बावजूद जनवरी से अभी तक पंजीकृत बच्चों की उपस्थिति
पूरी नहीं हो सकी।
पूनम यादव और ललिता पाल वार्डन हैं। यहां रोहिताश कुमार,
अजय कुमार, जानकी प्रसाद, रामवीर, अनुज, अमित, विनोद कुमार अध्यापक हैं।
इनकी ड्यूटी विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को चिह्नित किए जाने के लिए
सर्वे करने को कायमगंज व कमालगंज ब्लाक में ड्यूटी लगाई गई है। बच्चों को
खाने में दाल, रोटी, सब्जी और चावल दिया गया था।
वर्जन
फर्जी शिकायत
की गई है। शिकायत करने वाले ने जिस पते का उल्लेख किया है। जानकारी करने
पर वह पता गलत निकला। शिकायत कर्ता ने जो आरोप लगाए हैं, वह गलत हैं।
राजेश वर्मा, जिला समन्वयक , समेकित शिक्षा