बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आध्यात्मिक विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। बुधवार को शहर के सिकत्तरबाग स्थित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम का निरीक्षण करने पहुंच बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष को आश्रम के अंदर प्रवेश नहीं मिला। वह दरवाजा खुलवाने को गेट का काफी देर तक खटकाते रहे। आखिर में दरवाजा न खुलने पर वह बैरंग लौट गए। अध्यक्ष ने बताया कि कंपिल व सिकत्तरबाग आश्रमों में बिजली कनेक्शन पता करने के साथ ही संचालकों को नोटिस दिया जाएगा।
शहर के मोहल्ला सिकतरबाग में बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का आध्यात्मिक आश्रम है। इस आश्रम में बुधवार की सुबह बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डा. संजीव कुमार अकेली निरीक्षण करने गए। वह काफी देर तक आश्रम का गेट खुलवाने का प्रयास करते रहे। दरवाजा लगातार खटकाने पर आसपास के लोग वहां एकत्र हो गए। लेकिन आश्रम की संवासिनियों ने गेट नहीं खोला। काफी इंतजार के बाद जब गेट नहीं खुला तो अध्यक्ष निरीक्षण किए बगैर वहां से लौट गए। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष ने बताया कि आश्रम का गेट न खुलने के कारण वह संवासिनियों से पूछताछ और आश्रम का निरीक्षण नहीं कर सके। पुलिस ने इस आश्रम में छापेमार की थी। उसकी रिपोर्ट एसपी से मांगी जाएगी। इसके बाद जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। अध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने कंपिल स्थित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम का निरीक्षण किया था। वहां किसी भी संवासिनी ने अपनी आईडी नहीं दिखाई। आश्रम के भवन का नक्शा और आश्रम का पंजीकरण किसी ने नहीं दिखाया था। अध्यक्ष ने कहा कि दोनोें आश्रम मेें बिजली का कनेक्शन किसके नाम है। इसकी जानकारी भी की जाएगी। दोनों आश्रम के संचालकों को नोटिस दिया जाएगा।