शहर कोतवाली पुलिस ने मारपीट के मुकदमे के आरोपी बाल अपचारों को 25 फरवरी
को गिरफ्तार कर किशोर न्याय बोर्ड में पेशी के बाद बाल संप्रेक्षण गृह भेजा
था। बुधवार की रात अपचारी के पेट में दर्द होने लगा। उसने अधीक्षक से
इलाज के लिए कहा लेकिन रात होने पर उसे अस्पताल नहीं लाया गया।
गुरुवार की
सुबह अपचारी को बाल संप्रेक्षण गृह के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी नरेंद्र सिंह
और अरविंद लोहिया अस्पताल लेकर आए। यहां बाल अपचारी ने कर्मचारियों से
शौच करने की बात कही। कर्मचारी उसे शौचालय ले गए। कर्मचारी हादसे में हुई
मौतों के बारे में जानकारी करने लगे। तभी अपचारी शौचालय से निकला और
चुपचाप कर्मचारियों को चकमा देकर भागने लगा। कर्मचारियों ने उसे भागते देख
लिया। कर्मचारियों ने शोर मचाने लगे।
तभी स्थानीय लोगों ने काफी दूर दौड़ा
कर टेंपो में बैठे अपचारी को पकड़ लिया। इसके बाद उसे लोहिया अस्पताल के
आपातकालीन में दवा दिलाई गई। कर्मचारियों ने इसकी सूचना अधीक्षक को दी।
अपचारी ने बताया कि वह होली के त्यौहार को मनाने के लिए घर जा रहा था।