फर्रुखाबाद। अक्षम के प्रक्रियाधीन पांच चालकों को दोबारा बसें चलाने के आदेश होने के बाद मेडिकल अवकाश का मामला सुलट भी न पाया था, कि अंदरूनी मामलों के चलते प्रधान लिपिक भी मेडिकल अवकाश पर चले गए। एआरएम ने पांचों चालकों के शून्य किलोमीटर होने के चलते वेतन आहरण पर रोक लगा दी। इस फैसले से खफा संगठन पदाधिकारियों ने प्रदेश पदाधिकारियों को अवगत कराया है।
एआरएम अरविंद कुमार मिश्र ने 26 मार्च को निगम स्तर पर अक्षम प्रक्रियाधीन पांच चालकों को विभिन्न पटलों से हटाकर बसें चलाने के आदेश दिए थे। इसमें कहा था कि 5500 किमी हर हाल में होना चाहिए। जबकि सीएमओ की मेडिकल रिपोर्ट में भारी काम करने से मनाही के बाद सेवानिवृत्त एआरएम ने इन्हें विभिन्न पटलों पर लगा दिया था। यही नहीं एआरएम अरविंद मिश्र ने इन चालकों का वेतन भी रोक दिया। इससे खफा पांचों चालक एक साथ मेडिकल अवकाश पर चले गए। होली के त्योहार के वक्त यात्रियों की अधिक संख्या होने के दौरान पांच पटल खाली होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी दौरान बस अड्डा पर एआरएम दफ्तर में तैनात प्रधान लिपिक बलवीर सिंह भी अचानक मेडिकल अवकाश पर चले गए। विभागीय सूत्र बताते हैं कि प्रधान लिपिक का किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया था। इससे दफ्तर का काम भी प्रभावित हो गया। मेडिकल अवकाश पर गए कर्मियों ने कर्मचारी संगठनों के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों को अवगत करा दिया है। यदि शीघ्र ही मामला न सुलटा, तो आंदोलन शुरू होने से इंकार नहीं किया जा सकता।