गांव बरतल में ग्रामीण से जानकारी करते डीएम व मौजूद अन्य अधिकारी।
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क्षेत्र के गांव बरतल में जिलाधिकारी ने बुधवार शाम चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बिजली, अन्ना गोवंश, किसान सम्मान निधि सहित शिकायतों की झड़ी लग गई। निरीक्षण के दौरान सीएचसी में गंदगी व जाला की भरमार होने पर चिकित्साधिकारी की जमकर फटकार लगाई। एएनएम को निलंबित करने के आदेश दिए।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने गांव बरतल में अधिकारियों के साथ चौपाल लगाकर ग्रामीणों से समस्याओं की जानकारी ली। इसके बाद गांव का निरीक्षण किया। खुले में शौच करने व शौचालय क्षतिग्रस्त होने पर उसे ठीक कराने को कहा। इसी बीच ग्रामीणों ने जानकारी दी कि बंटवारे में शौचालय तोड़ा गया है। इस पर जिलाधिकारी ने रिकवरी कराने के आदेश दिए।
पानी की टंकी पर आपरेटर मौजूद न मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जानवर बंधे मिले। कई माह से बंद पीएचसी खुलवाने पर कमरों में गंदगी व मकड़ी के जाले लगे मिले। इस पर डीएम ने एएनएम शिवकुमारी की जमकर फटकार लगाई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एएनएम को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए।
समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में भी गंदगी की भरमार थी। मरीजों को मेन्यू के अनुसार खाना न मिलने पर चिकित्साधिकारी से जताई नाराजगी जताई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बीमार विभाग बताते हुए कहा कि नाकारा साबित हो रहा है। 50 फीसदी प्रसव घरों पर ही हो रहे हैं। पूछने पर डिप्टी सीएमओ राजीव शाक्य स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं भी नहीं बता पाने की डीएम ने फटकार लगाई।