लॉगबुक में गेटमैन द्वारा की गई कटिंग।
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रेलवे क्रासिंग बंद होने से हुई किशोरी की मौत के मामले में लागबुक के समय में रेलवे कर्मचारियों ने फेरबदल कर दिया। हालांकि इस संबंध में कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। बहाबुद्दीन के पुत्र असलम के मुताबिक जब वह लोग प्राइवेट वाहन से चांदतारा को भर्ती कराने जिला मुख्यालय ले जा रहे थे तो पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे रजीपुर रेलवे क्रासिंग बंद थी।
काफी मिन्नतों के बाद भी गेटमैन ने फाटक नहीं खोला। इसके चलते चांदतारा की मौत हो गई। इसके बाद दोपहर 12:48 बजे फाटक खोला गया। किशोरी की मौत के बाद रेलवे कर्मचारियों ने झंझटों से बचने के लिए लागबुक में फेरबदल कर दिया। लागबुक में रजीपुर रेलवे क्रासिंग फाटक को बंद किए जाने का समय दोपहर 12:20 डाला गया। इसके बाद इस समय को काटकर 12:09 बजे रेलवे फाटक बंद करना डाला गया। इस संबंध में जब गेटमैन अमन कुमार से पूछा गया तो वह कोई उत्तर नहीं दे सका।
आपात स्थिति में भी नहीं खोला जा सकता रेलवे फाटक
फर्रुखाबाद अनवरगंज एक्सप्रेस 5305 ट्रेन का सिग्नल मिलने पर रजीपुर रेलवे क्रासिंग बंद की गई थी। रेलवे फाटक बंद होने के बाद किसी भी कीमत पर नहीं खोला जा सकता है। चाहें कोई आपात स्थिति ही क्यों न हो। एक मरीज की जान बचाने के लिए हजारों यात्रियों की जान की बाजी नहीं लगाई जा सकती।
सुदर्शन लाल (रेलवे यातायात निरीक्षक)
परिजनों ने जाम लगाने का किया प्रयास
गांव ईसापुर निवासी बहाबुद्दीन की पुत्री चांदतारा की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने रजीपुर रेलवे क्रासिंग पर जाम लगाने का प्रयास किया लेकिन थाना पुलिस ने जैसे-तैसे परिजनों को समझाकर जाम लगाने से रोक दिया। पुलिस ने कहा कि जाम लगाने से कोई फायदा नहीं। तहरीर दें कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद परिजन मौके से चले गए।