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Farrukhabad News: शासन में फंसी ड्रोन दीदी की तरक्की की उड़ान

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फर्रुखाबाद। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए शुरू की गई ड्रोन सखी योजना अधर में है। गत वर्ष चयनित सात महिलाओं को लखनऊ में 12 नवंबर से 26 नवंबर 2025 तक प्रशिक्षण दिया गया था। 11 माह बीतने के बाद भी उन्हें अनुदान पर ड्रोन नहीं मिल सके हैं। वहीं, दूसरे चरण में चयनित 28 अन्य महिलाएं भी अपने प्रशिक्षण की तारीख तय होने का इंतजार कर रही हैं।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह बनाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे अपने उत्पाद तैयार कर रोजगार बढ़ा रही हैं और उन्नतिशील खेती भी कर रही हैं। फसलों में कीटनाशक व खाद के छिड़काव के लिए गत वर्ष ड्रोन सखी के चयन का आदेश दिया गया था।
अधिकारियों की समिति ने साक्षात्कार के माध्यम से समूह से जुड़ी सात महिलाओं का चयन किया। योजना के तहत इन ड्रोन सखियों को 90 फीसदी अनुदान पर ड्रोन मिलने थे, जिसके लिए इफको कंपनी नामित की गई थी। प्रशिक्षण में उन्हें ड्रोन उड़ाने, फसलों में छिड़काव करने और टैंक में दवा या खाद का घोल भरने की तकनीकी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा होने पर महिलाओं को जल्द ड्रोन मिलने और आय बढ़ने की उम्मीद थी। लेकिन 11 माह बीतने के बाद भी उन्हें अनुदान पर ड्रोन नहीं मिल सके हैं।
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प्रशिक्षित महिलाओं का इंतजार
सभी ब्लॉकों से एक-एक ड्रोन सखी का चयन कर प्रशिक्षण दिया गया था। बढ़पुर के ढिलावल से शिखा, कायमगंज के रुदायन से निशा, कमालगंज के खुदागंज से पूनम पाल, मोहम्मदाबाद के मदनपुर से आरती राजपूत, नवाबगंज के अचरा से सुनीता देवी, राजेपुर के गांधी से सीमा और शमसाबाद के बघऊ से रश्मि शाक्य शामिल हैं। शिखा ने बताया कि उन्हें जानकारी दी गई थी कि जिला मुख्यालय से शासन को पत्राचार किया जाएगा। इसके बाद ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। अभी तक उन्हें ड्रोन नहीं मिल सके हैं और वे इंतजार कर रही हैं। प्रशिक्षण में बताई गई कुछ बातें वे भूलने भी लगी हैं।

दूसरे चरण की महिलाएं भी प्रतीक्षा में
पहले चरण के बाद दूसरे चरण में 28 और महिलाओं का चयन प्रशिक्षण के लिए किया गया है। हालांकि, अभी तक उनके प्रशिक्षण की तारीख भी तय नहीं हो सकी है। ड्रोन मिलने और प्रशिक्षण की तारीख शासन से ही तय होगी। इससे ड्रोन सखी योजना की तरक्की की उड़ान शासन में ही फंसी हुई है। ये महिलाएं भी अपने प्रशिक्षण की शुरुआत का इंतजार कर रही हैं।
जिला मिशन प्रबंधक डॉ. महेंद्र कुमार नामदेव और अवनीश कुमार ने बताया कि जिला स्तर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फरवरी में शासन को पत्र भेजा गया था। अभी तक शासन से ड्रोन उपलब्ध कराने संबंधी कोई जवाब नहीं आया है। साथ ही, 28 चयनित ड्रोन सखी के प्रशिक्षण दिलाने संबंधी भी कोई निर्देश नहीं मिले हैं। शासन से निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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