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स्कूल में बैठने के लिए घर से बोरी लेकर जाते

Tue, 29 Nov 2016 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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प्राथमिक विद्यालय सातनपुर में टाट पट्टी पर बैठे बच्चे। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 जिले के परिषदीय विद्यालयों का बुरा हाल है। कहीं बच्चे घर से बोरी लेकर पढ़ाई करने आ रहे हैं तो कहीं टाट-पट्टी की कमी के चलते बच्चे जमीन पर बैठकर शिक्षा ले रहे हैं। किसी विद्यालय में बाउंड्रीवाल तो किसी में शौचालय की कमी खल रही है।
अधिकांश विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने परिषदीय विद्यालयों की दुर्दशा पर एक साथ लाइव किया तो स्कूलों की स्थिति बदहाल मिली। कई जगह बच्चे स्कूल में बैठने के लिए घर से बोरी लेकर जाते हैं।
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बीएसए कार्यालय परिषद स्थित प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन में बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर शिक्षा ले रहे हैं। विद्यालय में 124 बच्चे पंजीकृत हैं। एकल शिक्षिका पदमा कुमारी बच्चों को एक साथ बरामदे में बैठाकर पढ़ाती हैं।कमालगंज स्थित अंग्रेजी माध्यम से संचालित प्राथमिक विद्यालय में बच्चे टाट-पट्टी पर बैठे हैं। विद्यालय में विद्युतीकरण नहीं है। हैंडपंप खराब पड़ा है। प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर में भी बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठना पड़ता है।

बॉ विद्यालय कमालगंज में भी छात्राओं को दरी पर बैठना पड़ता है। नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय रायपुर में बच्चे टाट-पट्टी पर बैठे है। प्रधानाध्यापक राममोहन ने बताया कि उनके पास जितना पैसा आया उसी हिसाब से व्यवस्था कर दी है। प्राथमिक विद्यालय नवाबगंज में बच्चे कक्षों में टाट-पट्टी में बैठे हैं। प्रधानाध्यापक संजीव रंजन ने बताया कि विद्यालय में फर्नीचर का कोई प्रावधान नहीं है इसलिए बच्चाें को टाट-पट्टी पर बैठाया जाता है।


शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय समदपुर में बच्चे टाट-पट्टी पर बैठे हैं। बिजली का कनेक्शन नही है। विद्यालय में 93 बच्चे पंजीकृत हैं। प्राथमिक विद्यालय रोशनाबाद में 185 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चाें के बैठने के लिए टाट और चटाई का प्रयोग किया जाता है।


अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय गूजरपुर गहलवार में 110 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में विद्युतीकरण नहीं है। बिल्डिंग जर्जर अवस्था में है। प्राथमिक विद्यालय परतापुर कलार में 106 बच्चे पंजीकृत हैं।  टाट-पट्टी पर्याप्त मात्रा में नहीं है। बच्चे प्लास्टिक की बोरी घर से बैठने के लिए लाते हैं।

प्राथमिक विद्यालय उगरापुर में 147 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां भी पर्याप्त मात्रा में टाट-पट्टी नहीं है। बच्चे बैठने के लिए घर से बोरी लाते हैं। यहां चार शिक्षक-शिक्षिकाएं तैनात हैं। शौचालय काम नहीं करता है। प्राथमिक विद्यालय गलारपुर में 180 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां पर्याप्त मात्रा में टाट-पट्टी नही है। बच्चों को बैठने की व्यवस्था स्वयं करनी पड़ती है।

यहां तीन शिक्षिकाएं तैनात हैं। प्रधानाध्यापिका अर्चना बरतरिया ने बताया कि कई बार टाट-पट्टी चोरी हो चुकी है इसलिए बच्चों को बैठने के लिए घर से व्यवस्था करके लानी होती है। विद्यालय की बिल्डिंग जर्जर अवस्था में है। बच्चों को बरामदे व अतिरिक्त कक्षा कक्ष में बैठाया जा रहा है।


मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय मदनपुर में 103 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां चार शिक्षक तैनात हैं। बच्चों को चटाई पर बैठना पड़ता है। प्राथमिक विद्यालय संतोषपुर में 89 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में पांच शिक्षक तैनात हैं। विद्युतीकरण है नहीं, शौचालय भी चोक पड़े हैं।

प्राथमिक विद्यालय भरतपुर रसोई में 64 बच्चे पंजीकृत हैं। हैंडपंप रिबोर की स्थिति में है। विद्युतीकरण नहीं है। तीन शिक्षिकाएं तैनात हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय भरतपुर में 24 बच्चे पंजीकृत हैं और दो शिक्षिकाए तैनात हैं। विद्युतीकरण और  बाउंड्रीवाल नहीं है। प्राथमिक विद्यालय तकीपुर में 122 बच्चे पंजीकृत हैं। विवाद के चलते बाउंड्रीवाल नहीं बनी है। दो शिक्षिकाएं तैनात हैं। विद्युतीकरण नहीं है।
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राजेपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय हमीरपुर सोमवंशी में 87 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां तीन शिक्षकों की तैनाती है। विद्युतीकरण है लेकिन स्कूल में कनेक्शन नहीं है। प्राथमिक विद्यालय उजागरपुर में 111 बच्चे पंजीकृत हैं। चार शिक्षक तैनात हैं। यहां भी बिजली कनेक्शन नहीं है।
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