फर्रुखाबाद। दो एआरटीओ के निलंबन के बाद से बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने को लेकर आरआई ने पूरी सर्तकता बरतनी शुरू कर दी है। सोमवार को बस मालिकों ने फिटनेस के प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जाने पर आरआई का घेराव किया।
तर्क दिया कि इमरजेंसी डोर के अलावा जो मानक होंगे वह पूरे करेंगे लेकिन सीटों के गैप, ऊंचाई को कैसे दूर करें। रोडवेज बसों में भी सीटों का गैप मानकपूर्ण नहीं है, तो उनको कैसे फिटनेस प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं। आरआई ने बिना मानकबसों के फिटनेस प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया। इससे बस मालिकों की तीखी नोकझोंक भी हुई।
सोमवार को बस मालिक अनिल शुक्ला, राजीव, श्यामजी यादव, अमरजीत, विमल दीक्षित, मनोज की अगुवाई में 20 से अधिक बस मालिक एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। इन लोगों ने बसों की फिटनेस जारी न किए जाने पर आरआई जीवन कुमार का घेराव किया। आरआई से कहा कि 100 प्रतिशत मानक पूर्ण नहीं किए जा सकते हैं।
बस में इमरजेंसी डोर, शीशे जैसे बड़े मानक पूरे कर लिए जाएंगे। छोटे-छोटे मानक पूरे करने में उनका नुकसान होगा। आरआई ने कहा कि शासन से जो गाइड लाइन आई है उसके अनरूप ही बस में मानक पूरे होने पर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
उसके बाद अगर वे दबाव बनाएंगे तो वह जोनल आफिस में सभी बस मालिकों के मानकों के प्रपत्र भरकर भेज देंगे। उच्चधिकारी जो आदेश देंगे वह कार्रवाई की जाएगी। बस मालिकों ने कहा कि रोडवेज बसों में सीटों के गैप व ऊंचाई के मानक पूरे नहीं है फिर उनको फिटनेस के प्रमाण पत्र कैसे दिए जा रहे हैं।
इस पर बस मालिकों व आरआई की तीखी नोकझोंक हुई। एक घंटे तक बस मालिक डटे रहे। बाद में सभी लोग बैरंग वापस चले गए। आरआई ने बताया कि मानक पूरे हुए बिना वह किसी बस का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं करेंगे। अधिकारियों से इसको लेकर पत्राचार कर दिशा निर्देश मांगेंगे।