फर्रुखाबाद। दिल्ली मार्ग पर जाने वाली बसों के परिचालक कायमगंज के यात्रियों को नहीं बैठाते। शुक्रवार को भी परिचालक ने कुछ यात्रियों को बस से उतार दिया। इस पर हंगामा हो गया। परिचालक से जमकर गाली-गलौज भी हुई। बाद में यात्री दूसरे साधन से कायमगंज के लिए रवाना हुए।
बस स्टैंड पर फैजबाग, कायमगंज, अलीगंज और एटा के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली जाने वाली बसें स्थानीय यात्रियों को बैठाने में आनाकानी करते हैं। गुरुवार शाम छह बजे से आठ बजे तक दिल्ली के लिए कई बसें रवाना हुईं, मगर कायमगंज, अलीगंज तक के यात्रियों को किसी ने नहीं बैठाया। इससे भीड़ जमा हो गई।
इसी दौरान कौशांबी डिपो की बस आई, तो परेशान यात्रियों ने शीशे खोलकर बैग और सामान सीटों पर फेंक दिए। जब वह खिड़की से चढ़ने आए, तो परिचालक ने यात्रा के बारे में पूछा। जैसे ही कायमगंज का नाम लिया, तो परिचालक ने यात्रियों को धक्का देकर उतारना शुरू कर दिया। इससे विवाद बढ़ गया। काफी देर तक गाली-गलौज हो गई।
बाद में बमुश्किल 10-15 यात्रियों को अंदर घुसने दिया। यात्री बस स्टैंड पर खड़े रहे। उसी वक्त स्थानीय डिपो की बस आ गई। उसके परिचालक ने भी कायमगंज के यात्रियों को अंदर नहीं घुसने दिया। जबकि कई सीटें खाली थीं। बाद में कई यात्री दूसरे साधन से रवाना हुए।
यात्री अरविंद, दिनेश, प्रदीप आदि ने बताया कि दिन के वक्त स्थानीय यात्रियों को एटा डिपो की बसें लेकर चली जाती हैं, मगर शाम छह बजे के बाद जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें होती हैं। एआरएम आरसी यादव ने बताया कि कोई भी परिचालक यात्रियों को बैठाने से इनकार नहीं कर सकतेे। यदि ऐसा है, तो यात्री परिचालक का वीडियो बनाकर शिकायत करें, हर हाल में कार्रवाई की जाएगी।
आमदनी के चक्कर में नहीं बैठाते बसें
दिल्ली जाने वाली बसों के परिचालक स्थानीय यात्रियों को आमदनी के चक्कर में नहीं बठाते। सीटों पर स्थानीय यात्री बैठे होंगे, तो दिल्ली, गाजियाबाद जाने वाले यात्री बस में नहीं चढ़ेंगे। इसलिए स्थानीय यात्रियों को चढ़ने नहीं दिया जाता।