कायमगंजप के शादी वाले घर में कुप्पी से आग लग जाने से बारात की खुशियां
जलकर राख हो गईं। दूसरे कमरे में लेटी महिला बाल-बाल बच गई जबकि हजारों
रुपये का घरेलू सामान और भात का कपड़ा जल गया। आग लगने पर ढोलक पर शगुन और
मंगल गीत गा रहीं महिलाओं में चीख पुकार मच गई। असपास के लोगों ने आग पर
काबू पाया।
इलाके के गांव ब्राहिमपुर निवासी विनोद कठेरिया के बेटे
गुरमीत की बारात रविवार को नदौरा जानी थी। शनिवार देर रात महिलाएं ढोलक पर
मंगल गीत गा रही थीं। कुछ देर पहले ही भात और तेल का कार्यक्रम निपटाकर लोग
खाना खाकर सोने लगे थे। तभी विनोद के बड़े बेटे अमित के कमरे में कुप्पी
से आग लग गई। कमरे में उसकी बहू वंदना सोई हुई थी। आग ने धीरे-धीरे कमरे
में रखे कूलर और पंखे के अलावा भात में आए कपड़ों के ढेर को अपनी चपेट में
ले लिया। आग की तपिश
लगने से वंदना की आंख खुल गई। वह चीखने लगी। इस पर
आंगन में ढोलक पर गीत गा रहीं महिलाओं ने अंदर जाकर देखा तो कमरे से लपटें
उठ रहीं थीं। महिलाओं की चीखपुकार सुनकर छत पर सोए लोग भाग कर नीचे आए ।
इन्हाेंने हैंडपंप से पानी लाकर आग पर काबू पाया। आग में हजारों का सामान
और दूल्हा बनने की तैयारी कर रहे गुरमीत के कपडे़ भी जल गए। कमरे में सोई
वंदना टीबी की मरीज है। आग में उसकी दवा की किट जल गई।