एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने से गुस्साए सर्राफा कमेटी के पदाधिकारियों ने बुधवार को बैठक कर केंद्र सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। बैठक में 4 मार्च तक सर्राफा बाजार बंद करने का निर्णय लिया गया। इस पर सर्राफा कारीगरों ने यह कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि बंदी में उन्हें बुला लिया जाता है लेकिन सर्राफा कारोबारी दुकान के अंदर से और घरों से व्यवसाय करते रहते हैं।
सर्राफा कमेटी में उन्हें कोई स्थान भी नहीं दिया गया है। कारीगरों ने चेतावनी दी कि अगर बंदी के दिन सर्राफा की दुकानें खुलीं तो उसी की दुकान पर कारीगर धरना देंगे। प्रांतीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि कारीगरों को कमेटी में जगह दी जाएगी और बाजार बंदी के दिन सभी दुकानें भी बंद रहेंगी।
श्री सर्राफा कमेटी की बैठक नेहरू रोड स्थित जिलाध्यक्ष मनोज रस्तोगी के प्रतिष्ठान पर हुई। बैठक के दौरान सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि मांग के बावजूद केंद्र सरकार ने बजट में सोने के गहनों पर एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर अच्छा नहीं किया है।
इस दौरान सर्राफा कारोबारियों ने केंद्र सरकार और वित्त मंत्री अरुण जेटली मुर्दाबाद के नारे लगाए। अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ ने कहा कि इसके विरोध में चार मार्च तक सर्राफा बाजार बंद रहेगा। यह घोषणा होते ही सर्राफा कारीगर दीपू वर्मा और मुकेश वर्मा ने यह कहते हुए विरोध करने लगे कि बंदी के दिन सर्राफा कारोबारी तो दुकान के अंदर से और घरों से काम करते रहते हैं। नुकसान तो उन्हें उठाना पड़ता है।
सदस्यता शुल्क देने के बावजूद कारीगरों को सर्राफा कमेटी में कोई जगह नहीं दी जाती। इसी बात पर सर्राफा कारोबारियों और कारीगरों के बीच नोकझोंक होने लगी। जिलाध्यक्ष मनोज रस्तोगी, महामंत्री राजीव शुक्ला और प्रांतीय मंत्री अरुण प्रकाश तिवारी व अनुपम रस्तोगी ने उन्हें शांत कराया।
बैठक में सर्राफा व्यवसाई दीपक अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सूरज भारद्वाज, रानू वर्मा, राहुल वर्मा, अशोक गुप्ता, विनोद वर्मा, कृपाशंकर वर्मा, दीपक वर्मा, उत्तम वर्मा और गोपाली वर्मा आदि कारीगर मौजूद रहे।