नेहरु रोड पर धरना-प्रदर्शन के दौरान विचार-विमर्श करते सराफा कारोबारी
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41 दिन की हड़ताल के बाद आखिरकार स्थानीय स्तर पर सराफा कारोबारियों ने 13 अप्रैल से सराफा बाजार खोलने की घोषणा कर दी है। कारोबारियों ने कहा कि 26 अप्रैल को प्रांतीय नेतृत्व के निर्णय के बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। एक्साइज ड्यूटी के विरोध में जिले में 3 मार्च से सराफा बाजार बंदी चल रही थी। हालांकि सराफा बाजार बंदी फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ युग्म नगरों में ही सफल रही। कसबों में बाजार बंदी पूरी तरह से फ्लाप रही।
बाजार बंदी से सराफा कारोबारी और कारीगर परेशान थे। कारोबारियों के काफी प्रदर्शन के बावजूद बीते दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साफ तौर से कहा था कि एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं ली जाएगी। हां सराफा कारोबारियों की अन्य समस्याओं का समाधान किया जाएगा। बाजार बंदी को लेकर प्रांतीय नेतृत्व से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले। लेकिन सराफा कारोबारियों और कारीगरों की समस्याओं को देखते हुए मंगलवार को श्री सराफा कमेटी के बैनर तले नेहरु रोड पर धरना-स्थल के दौरान आपसी विचार-विमर्श कर निर्णय लिया गया कि 13 अप्रैल से बाजार खोला जाएगा।
इसके बाद जिलाध्यक्ष अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ ने घोषणा करते हुए कहा कि 13 अप्रैल को सराफा बाजार खोला जाए। हालांकि नगर अध्यक्ष मनोज रस्तोगी ने कहा कि 13 अप्रैल से सराफा बाजार तो खुलेगा लेकिन 26 अप्रैल को प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। अगर प्रांतीय नेतृत्व बाजार बंदी की बात कहता है तो फिर से सराफा बाजार बंदी की जाएगी। इस अवसर पर इस अवसर पर कुमारचंद्र वर्मा, महामंत्री राजीव शुक्ला, कोषाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, नीरज रस्तोगी, विमल वर्मा, अशोक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष चंद्रकिशोर वर्मा, लल्ला रस्तोगी, रिंकू रस्तोगी, किशन पंजाबी, अमित वर्मा, संजय वर्मा, अनिल रस्तोगी, रानू वर्मा, राहुल वर्मा, अशोक गुप्ता, विनोद वर्मा, कृपाशंकर वर्मा, दीपक वर्मा, उत्तम वर्मा और गोपाल वर्मा आदि मौजूद रहे।