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Farrukhabad News: तालाब की जमीन पर बने केएम हाउस व केएम इंडिया पर चलेगा बुलडोजर

Thu, 06 Nov 2025 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फोटो-26 केएम हाउस। संवाद
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फर्रुखाबाद। शहर के चर्चित केएम हाउस होटल व केएम इंडिया शोरूम पर अब बुलडोजर चलाया जाएगा। यह दोनों भवन तालाब की सरकारी भूमि पर बने हैं। तीन वर्ष से चल रही सुनवाई के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने ध्वस्तीकरण का आदेश कर दिया है।
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कब्रिस्तान की भूमि पर बने माफिया का गुरुशरणम होटल दो वर्ष पहले ही ध्वस्त हो चुका है। दोनों भवनों की कीमत करीब 40 से 50 करोड़ बताई जा रही।

शहर के ठंडी सड़क अल्लाहनगर बढ़पुर स्थित तालाब की भूमि पर केएम हाउस होटल व केएम इंडिया शोरूम का निर्माण कराया था। दोनों भवनों के लिए गौरव अरोड़ा, विवेक अरोड़ा, वरुण अरोड़ा, पंकज अरोड़ा, अखिलचंद्र अरोड़ा ने इस भूमि पर 18 आवासीय भवन के लिए नक्शे स्वीकृत कराए थे। भवनों का व्यावसायिक उपयोग होने से 21 दिसंबर 2022 को तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी 18 नक्शे निरस्त कर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया।
इस आदेश के खिलाफ भवन स्वामी हाईकोर्ट चले गए। वहां अपील खारिज होने के बाद भवन स्वामियों ने हाईकोर्ट में दोबारा याचिका दायर की। इस पर हाईकोर्ट में 17 अप्रैल 2023 को सुनवाई हुई। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट ने अपना पक्ष रखते हुए कब्रिस्तान, तालाब व पजावा की भूमि होने के चलते सभी स्वीकृत नक्शे निरस्त कर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी करने की बात कही। 31 जुलाई 2023 को हुए ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ भी भवन स्वामी नियत प्राधिकारी बोर्ड पहुंचे। बोर्ड के आदेश पर दोबारा जांच कराई गई।
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इसके बाद नियंत्रक प्राधिकारी बोर्ड ने 12 बार सुनवाई की और सहयुक्त नियोजक संभागीय नियोजन खंड कानपुर से जांच कराई। उन्होंने 29 मई 2025 को सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा कि केएम हाउस का करीब 3255.44 वर्ग मीटर भाग कब्रिस्तान व 361.71 वर्ग मीटर भाग आवासीय भू-उपयोग में है।
वहीं पांच अगस्त 2025 को लागू महायोजना 2031 में यह भूखंड तालाब और जलाशय में दर्ज होने से निर्माण अवैध है। महायोजना में भू-उपयोग के विपरीत निर्माण होने से सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल ने केएम हाउस और केएम इंडिया दोनों भवनों का ध्वस्तीकरण का आदेश दिया है।


एक माह में निर्माण स्वयं ध्वस्त कराने का मौका
नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बसंल ने ध्वस्तीकरण आदेश में कहा कि भवन स्वामी एक माह में स्वयं अपना निर्माण ध्वस्त करा लें। इसके बाद नगर पालिका के माध्यम से निर्माण ध्वस्त कराया जाएगा। ध्वस्तीकरण पर होने वाल खर्च भी राजस्व की भांति वसूला जाएगा। केएम हाउस का निर्माण करीब 12 वर्ष पहले कराया गया था, जबकि केएम इंडिया का निर्माण पांच वर्ष पहले ही हुआ है। दोनों भवनों की कीमत करीब 40 से 50 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इसी भूमि पर बने गुरुशरणम होटल पर दो वर्ष पहले चल चुका बुलडोजर
फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया डॉ. अनुपम दुबे का करीब 20 करोड़ रुपये कीमत का गुरुशरण होटल इन्हीं भवनों के पास बना था। यह भूमि जांच में कब्रिस्तान की निकली थी। इससे सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में तीनों भवनों की सुनवाई, नोटिस एक ही तिथि व समय पर जारी होने के साथ सभी कार्रवाई एक साथ चलती रहीं।
माफिया अनुपम दुबे के जेल में होने और गैंगस्टर कार्रवाई के चलते गुरुशरणम होटल 16 अक्तूबर 2023 में बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया गया था। अब दो वर्ष बाद इन दोनों भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश फिर जारी कर दिया गया है।

ठंडी सड़क के 19 भवन स्वामियों को भी दिए गए थे नोटिस

फर्रुखाबाद। शहर की ठंडी सड़क किनारे सरकारी भूमि होने से 19 भवन स्वामियों को नोटिस दिए गए थे। इसके बाद माफिया के गुरुशरणम होटल के ध्वस्तीकरण के बाद भवन स्वामियों को दिए गए नोटिस मोटी फाइलों में दब गए।



शहर के अल्लाहनगर बढ़पुर में कई सरकारी भूखंडों पर कागजों में हेराफेरी कर वर्षों पहले प्लॉटिंग कर दी गई। कीमती भूमि होने से खरीदार भी दीवाने हो गए। यहां तक कई लेखपाल व कानूनगो ने भी प्लॉट खरीदकर इमारतें खड़ी कर ली हैं। माफिया अनुपम दुबे के गुरुशरणम होटल के भूखंड की जांच हुई तो सरकारी फाइलों में उसका भू-उपयोग सामुदायिक सुविधा कब्रिस्तान का निकला। इसी के बाद अन्य भूखंडों की भी जांच हुई।
तालाब, कब्रिस्तान व पजावा की भूमि में बने गुरुशरण होटल, केएम हाउस और केएम इंडिया जैसे बेशकीमती भवनों के अलावा कई मकान सरकारी भूमि में बने मिले थे। इससे वर्ष 2023 में ही 19 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए। नोटिस मिलने के बाद भवन स्वामियों में खलबली मच गई और वह कलक्ट्रेट की ओर रुख करने लगे।
हालांकि गुरुशरणम होटल के ध्वस्तीकरण के बाद केएम हाउस और केएम इंडिया का मामला उच्च न्यायालय में पहुंच जाने से 19 भवन स्वामियों को दिए गए नोटिस का मामला ठंडा पड़ गया। अब केएम हाउस और केएम इंडिया के ध्वस्तीकरण का आदेश होने से 19 भवन स्वामियों की भी धड़कनें तेज हो गई हैं। (संवाद)
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