फर्रुखाबाद। पूर्व सैनिक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने बिल्डर को दोषी करार दिया है। उन्होंने सजा सुनाने के लिए 19 नवंबर की तिथि तय कर दी है। साक्ष्य के अभाव में महिला को दोष मुक्त कर दिया।
आरोपी के पुत्र की फाइल इसी न्यायालय में विचाराधीन है। शहर के मोहल्ला सांई धाम कालोनी अमेठी कोहना निवासी पूर्व सैनिक हितेंद्र सिंह ने जख्मी हालत में शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि वह किराये पर रहकर अपने मकान का निर्माण करा रहा था। मकान निर्माण की सामग्री दीनदयाल बाग स्थित तिवारी बिल्डिंग मेटेरियल की दुकान से आती थी। दुकान पर घटना से चार माह पूर्व सीमेंट के लिए एक लाख रुपये मनोज तिवारी के पास एडवांस जमा किए थे। आरोप है कि 30 अप्रैल 2018 को सीमेंट लेने दुकान पर गया, तो मनोज के पुत्र गोलू ने पुरानी कीमत पर सीमेंट देने से मना कर दिया। इसी बात पर वह विवाद होने लगा। शोरगुल पर मनोज की पत्नी सरिता मकान से बाहर आ आई।
मनोज ने लाइसेंसी पिस्टल व गोलू ने तमंचे से फायर कर दो गोलियां मार दीं। सरिता ने लोहे की सरिया से प्रहार किया। पुलिस ने लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। रेफर होने पर हायर सेंटर में हितेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने मुकदमा हत्या में तरमीम कर जांच में मनोज तिवारी, सरिता तिवारी व गोलू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर मनोज तिवारी को दोषी करार देकर सजा की तिथि 19 नवंबर तय कर दी। साक्ष्य के अभाव में सरिता को बरी कर दिया। तीसरे आरोपी गोलू की फाइल अलग कर दी गई। (संवाद)द