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मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर बुद्ध महोत्सव का आगाज

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संकिसा में बुद्ध महोत्सव का शुभारंभ करते डॉ. धम्मपाल थैरो व अन्य। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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संकिसा (फर्रुखाबाद)। दो दिवसीय बुद्ध महोत्सव का मंगलवार को शुभारंभ हो गया। पहले दिन भगवान बुद्ध की वंदना और बौद्ध भिक्षुओं ने प्रवचन दिए। कार्यक्रम में पहुंचे विधायक सुशील शाक्य ने कहा कि संकिसा तक फोरलेन सड़क और मोहम्मदाबाद में हवाई अड्डा बनवाने का प्रयास करेंगे। इसके पहले भिक्षु ज्ञाना लोको, धम्मपाल, भिक्षु प्रज्ञा सागर, कर्मवीर शाक्य और विधायक ने महोत्सव का शुभारंभ किया।
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भन्ते प्रज्ञा सागर ने कहा कि शरद पूर्णिमा के दिन वर्षावास समाप्त होता है। भगवान बुद्ध अपनी मां को भवसागर से मुक्ति के लिए देवलोक ले गए। उन्होंने अपनी मां को बौद्ध धर्म का उपदेश दिया।
भंते प्रज्ञा सागर ने कहा कि लुम्बिनी, सारनाथ, बोधगया, कुशीनगर में संकिसा सबसे पवित्र भूमि है। यहां बुद्ध के चरण पड़े थे। डॉ. धम्मपाल महाथैरो ने बताया कि 84 हजार उपदेशों में तिहाई भाग संकिसा का है। शरद पूर्णिमा को भगवान बुद्ध, इन्द्र व ब्रह्मा के साथ संकिसा स्तूप पर आये थे। सबसे पहले सार पुत्र को उपदेश संकिसा में ही दिया। इसी वक्त 500 भिक्षुओं को भी उपदेश दिया था।
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उन्होंने कहा कि संकिसा की पवित्र मिट्टी की लोग घर ले जाकर पूजा करते हैं। बुद्ध ने सबसे पहले ताड़ के पत्ते पर उपदेश लिखे थे। कार्यक्रम के संयोजक कर्मवीर शाक्य ने कहा कि वह यहां पहली बार 1956 में आए थे। जब लोग बुद्ध को न के समान जानते थे। धीरे-धीरे कारवां बढ़ता गया और बुद्ध के अनुयाइयों की जीत हुई। कहा कि जो भिक्षु चीवर पहन ले, उसे घर परिवार छोड़ देना चाहिए। बताया बुधवार सुबह धम्मयात्रा का शुभारंभ होगा।
विधायक सुशील शाक्य ने कहा कि मोदी और योगी बुद्ध में आस्था रखते हैं। कुशीनगर में हवाई अड्डा बन गया है, अब मोहम्मदाबाद की बारी है। कहा मोहम्मदाबाद से संकिसा तक फोरलेन रोड बनेगा। 100 बीघा जमीन खरीदकर विकास कार्य होंगे। उन्होंने संकिसा के विकास का हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया। इस मौके पर तमाम लोग मौजूद रहे।

संकिसा में बुद्ध महोत्सव में मौजूद बौद्ध भिक्षु। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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