अपर जिला जज बलजोर सिंह ने भाई के हत्यारोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिए हैं।
नवाबगंज थानाक्षेत्र के गांव नगला वेग निवासी वालिस्टर सिंह 29 जनवरी 2013 को पुत्र संदीप के साथ खेत में आलू खोदने गए थे। वह इंजन से दूसरे खेत में पानी भी लगा रहा था। संदीप का दूसरा भाई सिकदार सिंह व उसके पुत्र वीरभान, कृपाल ने अपने खेतों में पानी लगाने के लिए संदीप के खेत की नाली को बंद कर दिया और पानी को अपने खेत की ओर मोड़ दिया। इसका संदीप ने विरोध किया। इस पर सिकदार सिंह व उसके पुत्रों ने संदीप के सिर पर फावड़ा मार दिया। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई।
मृतक के पिता वालिस्टर सिंह ने आरोपी पुत्र सिकदार व उसके पुत्र वीरभान, कृपाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी वीरभान व कृपाल नाबालिग होने के कारण उनका मुकदमा जुवेनाइल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। सिकदार के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई के दौरान पिता वालिस्टर सिंह, मां वेदफूली, मृतक की पत्नी व पुत्री ने बयान दिए। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी सिकदार को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने के 20 हजार रुपये में से 10 हजार प्रतिकर के रूप में वादी को देने का आदेश दिया है।
मधुसूदन हत्याकांड की सुनवाई पूरी
कई वर्ष पहले फतेहगढ़ के बैंक कर्मचारी के पुत्र मधुसूदन के अपहरण और हत्या के मुकदमे की विशेष अदालत एंटी डकैती में चल रही सुनवाई पूरी हो गई है। इस चर्चित मामले में फतेहगढ़ का ही अमित कठेरिया व अन्य आरोपी हैं। अधिवक्ता मनोज भगोलीवाल ने बताया कि 29 जुलाई को अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों को अपनी बात कहने के लिए कोर्ट में तारीख लगी है। दो अगस्त को पत्रावली निर्णय में लगाई गई है।