ईंट भट्टा मालिकों ने पर्यावरण लाइसेंस की बाध्यता समाप्त करने की मांग को लेकर बुधवार को प्रशिक्षु एसडीएम को ज्ञापन दिया। इन्होंने कहा मांग पूरी न होने पर भट्टों की हड़ताल की जाएगी।
सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे ईंट भट्टा मालिकों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन प्रशिक्षु एसडीएम दिनेश मिश्रा को दिया। ज्ञापन में कहा गया ईंट भट्टों पर पर्यावरण क्लीयरेंस की बाध्यता का कानून थोपा जा रहा है। इन्होंने कहा देश में इंट भट्टा न चला पाने के कारण 1 अक्तूबर से शुरू हो रहे सीजन से भट्टों को शुरू नहीं किया जाएगा।
इन्होंने कहा ईंट भट्टे बंद रहने से निर्बल तबके के गरीब मजदूरों का रोजगार छिन जाएगा और वह भुखमरी की कगार पर आ जाएंगे। भट्टे बंद होने से करीब 50 लाख मजदूरों के परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
भट्टा स्वामियों ने कहा भट्टों को बंद करने से प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों पर प्रतिकूल असर होगा। भट्टा स्वामियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि हड़ताल के बाद सीजन में जमा होने वाला वैट, रायल्टी और अनुज्ञा शुल्क को भी जमा नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में कृष्ण दत्त द्विवेदी, नारायण अग्रवाल, आयुष रस्तोगी, रवि कुमार रस्तोगी, राजेश कटियार, योगेश कटियार, भुवनेश दीक्षित, कृष्ण बाबू रस्तोगी, महेश चंद्र गुप्ता, अखिलेश कटियार आदि मौजूद रहे।