फर्रुखाबाद। साल भर पहले ट्रैक्टर छोड़ने के लिए तत्कालीन एआरटीओ द्वारा रुपये लेने संबंधी वायरल हुए आडियो की जांच विजिलेंस कानपुर ने शुरू कर दी है। बयान दर्ज कराने को मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय के लिपिक व सिपाही कानपुर रवाना हो गए।
जांच विजिलेंस इंस्पेक्टर प्रदीप यादव कर रहे हैं। तत्कालीन एआरटीओ सुधेश तिवारी ने मैनपुरी के कुसमरा के एक ग्रामीण का ट्रैक्टर चेकिंग में पकड़ा था। ट्रैक्टर छोड़ने के लिए ग्रामीण व एआरटीओ से रुपये के लेनदेन संबंधी बातचीत का आडियो वायरल हुआ था।
आडियो की सीडी संलग्न कर शासन में शिकायत की गई थी। जांच विजिलेंस कानपुर के इंस्पेक्टर प्रदीप यादव को मिली है। अगस्त में इंस्पेक्टर दो दिन एआरटीओ कार्यालय आकर जांच कर चुके हैं।
इंस्पेक्टर ने बयान दर्ज कराने के लिए कार्यालय के तीन लिपिक, दो सिपाही, दो बाहरी लोग व एआरटीओ शांतिभूषण को नोटिस भेजकर कानपुर कार्यालय बुलाया है।
मंगलवार को कैश पटल लिपिक भीम कात्यान व एआरटीओ का एक सिपाही बयान देने के लिए कानपुर रवाना हो गए। बुधवार को अन्य लिपिक बयान देने कानपुर जाएंगे। एआरटीओ सुधेश तिवारी को भी तलब किया गया है।