3 अक्तूबर 2015 को मालगोदाम पर िमला था बम (फाइल फोटो)
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रेलवे स्टेशन पर एक वर्ष पूर्व मिले बम की घटना के खुलासे में पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। विवेचना कायमगंज से फतेहगढ़ चौकी प्रभारी तक ही सिमट कर रह गई। आखिर में कोई सुराग नहीं लगा तो पुलिस ने एफआर लगा दी।
फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन के मालगोदाम के दक्षिण ओर दीवार के सहारे 3 अक्तूबर 2015 को बम रखा मिला था। जब सुबह लोग टहलने के लिए उधर से निकले तो बम देखकर भयभीत हो गए। आनन-फानन में तत्कालीन डीएम, एसपी समेत जिले की फोर्स मौके पर पहुंच गई। फोर्स ने प्लेटफार्म को खाली करा दिया था। इसकी जानकारी अफसरों ने शासन को भेजी थी।
इसके बाद कानपुर से आए बम निरोधक दस्ते ने दोपहर को स्टेशन पहुंच कर उसे निष्क्रिय कर दिया। हालांकि कानपुर से आए बम निरोधक दस्ते का कहना था कि बम में आंतरिक गड़बड़ी होने से काफी पहले ही निष्क्रिय हो गया था। इस जीआरपी के आलाधिकारी भी मौके पर आ गए थे। तत्कालीन जीआरपी एसओ अरुण कुमार ने अज्ञात लोगों के खिलाफ घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसकी जांच कायमगंज चौकी प्रभारी कौशर परवीन को सौंपी गई। इसके बाद इसकी जांच फतेहगढ़ चौकी प्रभारी को दी गई। कुछ समय बाद यह विवेचना वापस कौशर परवीन को सौंप दी गई थी। जीआरपी ने इस घटना की हल्के में पड़ताल की। इस मुकदमे में कोई जानकारी नहीं हो सकी, तो विवेचक कौशर परवीन ने इस एफआर लगा दी। जीआरपी एसओ राजेश दुबे ने बताया कि इस घटना में कोई सुराग नहीं लग सका था। इसलिए मामले में एफआर लगा दी गई है।