थाना मऊदरवाजा क्षेत्र की रायपुर चौकी के पास बने राम जानकी मंदिर के पुजारी ने दिनदहाड़े बाइक मिस्त्री की गोली मारकर हत्या कर दी एवं पड़ोसी क्लीनिक संचालक को घायल कर दिया। चौकी के सिपाहियों ने भाग रहे पुजारी को दौड़ाकर पकड़ लिया।
इस दौरान ग्रामीणोें ने पुजारी को सौंपने की मांग को लेकर हंगामा किया। रास्ता जाम कर तोड़फोड़ की। समझाने आए दरोगा की रिवाल्वर छीन ली। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे सीओ सिटी ने समझा बुझाकर रास्ता खुलवाया। पुजारी पहले भी एक साधु की हत्या का आरोपी रह चुका है।
रायपुर पुलिस चौकी से चंद कदम दूर स्थित राम जानकी मंदिर से लगी अमित प्रजापति की आटो पार्ट्स की दुकान है। इस दुकान पर अमित राठौर मिस्त्री का काम करता था। पड़ोस में ही राजू की चाय की दुकान है। सोमवार सुबह मंदिर के पास नहा रहे राजू के बेटे को राम जानकी मंदिर के पुजारी मनमोहन दास ने पीट दिया।
राजू की पत्नी बिंदु से गाली गलौच भी किया। इस पर मिस्त्री अमित राठौर ने विरोध किया। पुजारी की शिकायत पर पुलिस अमित व राजू को चौकी ले गई। दोनों को समझाने के कुछ देर बाद छोड़ दिया। इसके बाद अमित दुकान पर आया और बाइक की मरम्मत में लग गया।
दोपहर करीब तीन बजे पुजारी मनमोहन दास तमंचा लेकर आया और अमित के सिर के पीछे से गोली मार दी, जिससे अमित ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुजारी पड़ोस में क्लीनिक चलाने वाले विशाल के यहां पहुंचा और उन्हें भी गोली मारकर घायल कर दिया।
इसके बाद वह भागने लगा। गोली चलने की आवाज सुनते ही चौकी पर मौजूद सिपाही रामनरेश व अजय दौड़ पड़े। दोनों ने पुजारी को दबोच लिया। इस दौरान वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और पुजारी को सौंपने की मांग को लेकर रास्ता जाम कर दिए। इस दौरान ग्रामीणोें ने दरोगा बनी सिंह से हाथापाई कर उनकी रिवाल्वर छीन ली।
मौके पर पहुंचे सीओ सिटी आलोक सिंह ने समझा बुझाकर रास्ता खुलवाया और दरोगा की रिवाल्वर वापस करवाई। भीड़ का गुस्सा देख कड़ी सुरक्षा में पुजारी को पुलिस लाइन ले गए। उधर, घायल डाक्टर विशाल को लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया है।
अमित राठौर का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एसपी राजेशकृष्ण ने बताया कि पुजारी मनमोहन दास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उसके खिलाफ रासुका की भी कार्रवाई की जाएगी। वह नवाबगंज थाना क्षेत्र के ककौली गांव स्थित राम मंदिर में विवाद के चलते वर्ष 2008 में एक साधु की हत्या का आरोपी है।
जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद वह रामजानकी मंदिर मऊदरवाजा में आकर रहने लगा।