फोटो-25, नागेंद्र सिंह राठौर। स्रोत आर्काइव
फर्रुखाबाद। विधानसभा क्षेत्र भोजपुर से भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह राठौर को एमपीएमएलए कोर्ट के न्यायाधीश ज्ञानेन्द्र कुमार ने महामारी अधिनियम के मामले में छह माह कारावास की सजा सुनाई।
उन पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। विधायक के अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थनापत्र दिया। मामले में शनिवार को सुनवाई कर अदालत ने 20-20 हजार रुपये के दो बंधपत्र पर जमानत मंजूर कर ली।
फतेहगढ़ कोतवाली की चौकी सिविल लाइन प्रभारी आनंद शर्मा ने भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर के खिलाफ विधानसभा चुनाव के नामांकन के दौरान आचार संहिता उल्लंघन, महामारी अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा था कि 29 जनवरी 2022 को करीब दोपहर 1:45 बजे प्रत्याशी नागेन्द्र सिंह अपने 8-10 समर्थकों के साथ कई गाड़ियों में बैठकर नामांकन स्थल की ओर पहुंचे। इनमें से एक वाहन पर पार्टी का झंडा भी लगा था।
आयोग के निर्देशों के अनुसार कोई भी प्रत्याशी नामांकन कक्ष से 200 मीटर की परिधि में गाड़ियों के काफिले या समर्थकों के साथ प्रवेश नहीं कर सकता। इस दौरान कोविड-19 नियमों का भी उल्लंघन किया गया। चौकी प्रभारी ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजते हुए प्रत्याशी व समर्थकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचक ने नागेंद्र सिंह के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई कर रहे एमपीएमएलए कोर्ट के न्यायाधीश ज्ञानेन्द्र कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। गवाह व सबूतों को मद्देनजर रखते हुए भोजपुर विधायक नागेंद्र को आचार संहिता उल्लंघन, महामारी अधिनियम के मामले में दोषी करार दिया।
दोषी विधायक को छह माह कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास का निर्णय दिया। विधायक के अधिवक्ता ने अदालत में जमानत प्रार्थनापत्र दिया। सुनवाई कर अदालत ने 20-20 हजार रुपये के दो बंधपत्र पर जमानत मंजूर कर ली।