संवाद न्यूज एजेंसी
कंपिल। कस्बा के बाईपास पर रावण वध के अगले दिन सजे पारंपरिक दंगल में नामी पहलवानों ने जोर आजमाइश की। सबसे बड़े मुकाबले में भारत केसरी की कुश्ती बराबरी पर छूटी। दिनभर चले 27 मुकाबलों में दर्शकों ने तालियां बजाकर पहलवानों का हौसला बढ़ाया। पहलवानों के दांव पेच देख रोमांचित हुए।
दंगल का सबसे बड़ा मुकाबला मथुरा के भारत केसरी रामेश्वर सिंह यादव और हरेंद्र सिंह गुर्जर के बीच हुआ। दोनों ने चित करने के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन कोई जीत नहीं सका। मुकाबला बराबर रहने पर 1.21 लाख रुपये की इनामी राशि दोनों में बांट दी गई। रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित दंगल का शुभारंभ उद्योगपति सत्यप्रकाश अग्रवाल, भाजपा नेता डाॅ. विकास शर्मा, समाजसेवी पुखराज डागा, पूर्व चेयरमैन उदयपाल यादव और कमेटी अध्यक्ष नीरज पांडेय ने किया।
मुख्य कुश्ती कायमगंज एसडीएम अतुल कुमार ने पहलवानों के हाथ मिलवाकर शुरू कराई। दूसरी कुश्ती में हाथरस के अरविंद यादव ने हरियाणा के रोहतक के इंडिया आर्मी के पहलवान आशीष को हराकर एक लाख की कुश्ती जीती। तीसरी कुश्ती में राजेश पहलवान ने हरियाणा के रॉकी को हराकर 51 हजार की कुश्ती अपने नाम की। चौथी कुश्ती में आगरा के सुरेश और दिल्ली के रमन चौधरी के बीच 41 हजार की कुश्ती बराबर छूटी। दिल्ली केसरी रिंकू और राजस्थान केसरी मोना की 21 हजार की कुश्ती भी बराबर रही। इसके अलावा फर्रुखाबाद के जीतू यादव ने जीत दर्ज की। मोहम्मदाबाद के राहुल की 11 हजार की कुश्ती चर्चा में रही। जैथरा के भूरे और अलीगंज के भूरे के बीच मुकाबला बराबर छूटा। दंगल में कुल 27 कुश्तियां हुईं। इस दौरान आर्येंद्र यादव, राघव शुक्ला, सौरभ मिश्रा, राजेश कठेरिया, ऋषभ गुप्ता, रामेत वर्मा, ओम शक्ति सैनी, चमन दुबे, सुरेंद्र सैनी सहित कमेटी के लोग और सैकड़ों दर्शक मौजूद रहे। बड़े आयोजन में पुलिस व्यवस्था कमजोर दिखने पर सवाल भी उठे।