फर्रुखाबाद। शहर के ठंडी सड़क स्थित गुरुशरणम् होटल के ध्वस्तीकरण के बाद सरिया और कॉपर आदि कीमती सामान की लूट मच गई। मलबा भरकर रामलीला गड्ढा ले जा रहे डंपर पर लालगेट से तमाम लोग चढ़ गए। पीछे चल रहे साथी ठेलियां भरते रहे।
प्रशासन ने होटल का मलबा हटाने के लिए पोकलैंड मशीन और डंपर लगा दिए हैं। होटल परिसर की सुरक्षा में रात भर कादरीगेट इंस्पेक्टर विनोद शुक्ला पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। वहां से जैसे ही डंपर मलबा भरकर चले, लालगेट पर गिहार बस्ती के 50 से अधिक युवा खड़े हो गए। आधे युवक डंपर पर चढ़ गए और सरिया, तांबे के तार, स्टील, कीमती खिड़कियां आदि तमाम सामान डंपर से नीचे फेंकने लगे। ठेली लेकर चल रहे साथी सामान भरकर ले जाने लगे। चालक ने डंपर को रामलीला मैदान में पलटना चाहा, तब भी ऊपर से लोग नहीं उतरे। चालक ने नीचे उतरने को कहा तो उसके साथ दबंगई की गई। इस पर वह ट्रक को धीरे-धीरे बढ़पुर की ओर चलाता रहा। बढ़पुर पेट्रोल पंप के पास उसने ट्रक खड़ा कर दिया। वहां 15 मिनट तक लोग सामान उतारते रहे।
इसी दौरान एसडीएम सदर फतेहगढ़ जाते वक्त रुक गए। उन्होंने होमगार्ड भेजकर सामान उतारने वालों को दौड़ा़या। इसके बाद मलबा गड्ढा में पलटने के निर्देश दिए। जैसे ही चालक ट्रक लेकर पीछे लौटा, तो कई युवक फिर चढ़ गए। मलबा पलटने के स्थल पर भी लोगों की भारी भीड़ रही। इसकी भनक लगते ही एसपी विकास कुमार ने होटल परिसर का जायजा लिया। उन्होंने मलबा डालने के स्थान पर भी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया, तब कहीं मामला शांत हो सका।
रास्ते खुलते ही खंड़हर के फोटो खींचने की लगी होड़
लालगेट से आईटीआई चौराहे तक नाकेबंदी के बाद पुलिस प्रशासन ने मंगलवार सुबह रास्ता खोल दिया। आवागमन शुरू होते ही जिस स्थान पर सोमवार शाम तक आलीशान इमारत खड़ी थी, वहां खंडहर देख लोग फोटो व वीडियो बनाने के लिए रुकते रहे। वहां मुस्तैद पुलिस किसी को भी रुकने की इजाजत नहीं दे रही थी। लोग तरह-तरह की चर्चाएं करते दिखे।