फर्रुखाबाद। शहर की सातनपुर मंडी के 250 आढ़तियों के व्यापार पर रोक लगा दी गई। इन आढ़तियों पर छह करोड़ रुपये मंडी शुल्क बकाया है। मंडी सचिव ने आढ़तियों को नोटिस जारी किए हैं। निर्धारित समय में मंडी शुल्क जमा न होने पर आरसी जारी की जाएगी।
एशिया में स्थान रखने वाली सातनपुर आलू मंडी में करीब 1300 आढ़ती पंजीकृत हैं। इनमें 400 आढ़तियों ने अभी तक अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया है। 900 आढ़ती मंडी में आलू व अनाज का व्यापार कर रहे हैं। आलू के सीजन के दौरान मंडी में प्रति दिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। आलू का मुख्य व्यापार दिसंबर से लेकर अप्रैल तक जाेरों पर चलता है।
इस दौरान बड़े आढ़ती कई करोड़ की खरीद-फरोख्त करते हैं। ई-मंडी पोर्टल पर जांच की गई तो करीब 250 आढ़तियों पर छह करोड़ रुपये मंडी शुल्क बकाया निकला। ये आढ़ती 10 हजार रुपये से लेकर 70 लाख रुपये तक के बकायेदार हैं। मंडी सचिव ने आढ़तियों को नोटिस जारी किए तो खलबली मच गई।
लाखों के बकायेदार आढ़ती अब जोड़तोड़ करने में जुटे हैं। खास बात तो यह है कि लाखों के मंडी शुल्क बकायेदारी में आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल हैं। कई बार चेतावनी देने के बावजूद आढ़तियों ने मंडी शुल्क जमा नहीं किया।
मंडी सचिव दिव्यांशुु शुक्ला ने बताया कि मंडी शुल्क बकायेदार सभी आढ़तियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब उन्हें दूसरा नोटिस फिर जारी किया जा रहा है। इसके बावजूद मंडी शुल्क जमा न होने पर आढ़तियों की आरसी जारी कर तहसील स्तर से राजस्व की भांति वसूली कराई जाएगी।
कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा समाप्त
फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी में आउटसोर्स पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर शनिकांत सक्सेना की सेवा समाप्त कर दी गई है। वह मंडी समिति के हित के विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त था। बताया जा रहा है कि कंप्यूटर ऑपरेटर का अपने वरिष्ठों के प्रति व्यवहार ठीक न होने से उसकी कई बार शिकायत भी की जा चुकी थी। (संवाद)