फर्रुखाबाद। बरेली-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर पांचाल घाट पुल की मरम्मत की डेडलाइन समाप्त होने के बाद भी काम चलता रहा। जानकारी के अभाव में इधर-उधर से निकलने वाले वाहन भी डायवर्जन खत्म होने की पूर्व सूचना के चलते हाईवे पर आ गए। इससे करीब दो किमी. तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। तीन घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहे। वाहन किसी तरह रेंग-रेंगकर निकल सके।
पांचाल घाट गंगा पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा था। 31 मार्च काम पूरा होने की डेडलाइन निर्धारित की गई थी। एक अप्रैल को आवागमन फिर से शुरू होने की पूर्व सूचना के चलते बड़ी संख्या में भारी वाहन हाईवे पर पहुंच गए। सुबह नौ बजे गंगा पुल के उत्तर दिशा में जाम लग गया। वाहनों की करीब दो किमी लंबी कतारें लग गईं। पुल के दोनों ओर लगे पत्थरों को नहीं हटाया गया। पुल पर पत्थरों के अवरोध और पुल पर ई-रिक्शा खड़े करके सवारियां भरने से भारी वाहन चालक फंसते रहे।
यही वजह रही कि चाचूपुर से आगे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब तीन घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहे। यातायात पुलिस के जवान ने पांचाल घाट की ओर से आने वाले वाहनों को वन चेतना की ओर मोड़ दिया। वाहन गंगा की रेती से होते हुए मार्ग पर पहुंचे तो वहां भी वाहन फंसते चले गए। पुलिस को कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाने में सफलता मिली।
बस अड्डे पर नहीं आईं बसें, यात्री परेशान
पांचालघाट पुल पर मरम्मत को लेकर 31 मार्च तक भारी वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया था। प्रशासन की ओर से रोडवेज बसों को पांचालघाट पर अस्थायी बस अड्डा बनाकर संचालित कराया जा रहा है। मंगलवार को भारी वाहन भले ही निकाले गए हों, मगर बरेली, लखनऊ, शाहजहांपुर, हरदोई रूट पर जाने-आने वाली रोडवेज बसों को बस अड्डा तक नहीं लाया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में यात्री बस अड्डा पर जानकारी लेते रहे। मगर मजबूर होकर उन्हें पांचाल घाट तक ई-रिक्शा आदि वाहनों से जाना पड़ा। इससे खासी दिक्कत हुई।
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आदेश न मिलने से नहीं आईं बसें
वरिष्ठ केंद्र प्रभारी गौरीशंकर ने बताया कि अस्थायी बस अड्डा खत्म करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला। उन्होंने उच्चाधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, मगर संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसीलिए अस्थाई बस अड्डा से ही बसों का संचालन कराया जा रहा है।