यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर जिले भर के बैंक कर्मचारी शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। तमाम बैंक अफसरों, कर्मियों ने जुलूस निकाला। बाद में कलक्ट्रेट में डीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। बैंकों की हड़ताल से करीब 200 करोड़ रुपये का लेनदेन और क्लीयरिंग प्रभावित हुई। ग्राहकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बैंकों के तमाम कर्मचारी-अधिकारी फतेहगढ़ स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा पर एकत्रित हुए। वहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन कानपुर परिक्षेत्र के उपमहामंत्री विजय अवस्थी ने कहा कि आईबीए ने भ्रामक विज्ञापन छपवाया है। इससे हम बैंक कर्मियों की छवि धूमिल हुई है।
हमारा समझौता 27 महीनों से लंबित है। हम चाहते हैं कि सम्मानजनक ढंग से हमारा समझौता लागू किया जाए। एलान किया कि 11, 12, 13 मार्च को हड़ताल रहेगी। एक अप्रैल से गैरमियादी हड़ताल होगी। यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के जिला मंत्री केदार साह ने कहा, शनिवार को ही 25 करोड़ के चेक फंस गए। दो दिन में लगभग 200 करोड़ रुपये का लेनदेन नहीं हुआ।
बैंक ऑफ इंडिया के गौरव प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार बेवजह कर्मियों को परेशान कर रही है। हमें हड़ताल पर जाने को मजबूर किया जा रहा है। हमारी पांच दिन के बैंकिंग की मांग पर सरकार उदासीन है। सेंट्रल बैंक के मयंक गुप्ता ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाल हो। हम लोग एनपीएस को खत्म करने की मांग करते हैं। सभा को आश्रय अवस्थी, प्रतीक मिश्रा, महेश कुशवाहा, अभिषेक तिवारी ने भी संबोधित किया।
यहां के सभी बैंक स्टाफ जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस मौके पर संजय वर्मा, अनुपम द्विवेदी, गौरव सत्यार्थी, सुमित, नीरज, सनी पवार, निखिल मिश्रा, अनिरुद्ध तिवारी, सूबेदार बाथम, राहुल गंगवार, सुभाष, कृष्णा शुक्ला, नरेंद्र, वीरू बाथम, पंकज चतुर्वेदी, मुकेश गुप्ता, गौरव श्रीवास्तव, रामनरेश यादव, अखिलेश द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
अधिकांश एटीएम भी हो गए कंगाल
शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल रहने से बैंकों पर ताले लटके रहे। इस वजह से किसी भी एटीएम में रुपये नहीं डाले जा सके। लिहाजा अधिकांश एटीएम खुद से कंगाल हो गए। कल रविवार होने की वजह से ग्राहकों को बड़ी दिक्कतें उठानी होंगी।