शहर के आईटीआई चौराहा पर यूनियन बैंक के बाहर प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। संवाद
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फर्रुखाबाद। बैंकों के निजीकरण के विरोध में सरकारी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। निजीकरण को कर्मचारी विरोधी बताया।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले आईटीआई चौराहा स्थित यूनियन बैंक के सामने प्रदर्शन किया गया। यहां बैंक ऑफ बड़ौदा स्टाफ एसोसिएशन के सहायक महामंत्री केदार शाह ने कहा कि बैंकों का निजीकरण करना जनता के धन की लूट है। निजीकरण के बाद बैंकों से मिलने वाली सुविधाएं कम हो जाएंगी।
बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी आशय अवस्थी ने कहा कि निजीकरण का फैसला स्वीकार नहीं है। पीएनबी के दीपक अरोड़ा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि पहले भी सरकार को झुकना पड़ा है। एकजुट होंगे, तो जीत हमारी होना तय है। सेंट्रल बैंक के मयंक गुप्ता ने कहा कि सरकारी बैंकें देेश के विकास की कुंजी हैं। यह राष्ट्रीय संपदा है। निजीकरण नहीं होने देंगे। प्रदर्शन में गौरव कुमार, अंकित श्रीवास्तव, रमाकांत वर्मा, अजय कठेरिया, प्रियंक श्रीवास्तव, रघुवीर पांडेय और शिवांग पांडेय शामिल रहे।