जिला जेल में रविवार को हुए उपद्रव का सोमवार को मुकदमा दर्ज होने के विरोध में बंदियों ने मंगलवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया। बंदियों के भूख हड़ताल पर चले जाने की खबर पर डीआईजी जेल आरपी सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बंदियों को समझाकर उनका अनशन खत्म कराया।
रविवार को बंदियों ने जिला जेल में जमकर उपद्रव किया था। इस उपद्रव के चलते जेल अधीक्षक और कार्यवाहक जिलाधिकारी एनपी पांडेय घायल हो गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन की ओर से 189 बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
इसमें 39 को नामजद किया गया था। यह जानकारी जब जिला जेल के बंदियों को हुई तो वह मंगलवार भूख हड़ताल पर चले गए। जिले में कैंप कर रहे डीआईजी जेल को जब यह सूचना भेजी गई तो वह कोतवाल फतेहगढ़ अनूप निगम, सिटी मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर जिला जेल पहुंचे और उन्होंने भूख हड़ताल पर गए बंदियों को बताया कि मुकदमा तोड़फोड़ का लिखा गया है।
इसकी विवेचना की जा रही है। विवेचना के दौरान जो भी बंदी दोषी पाए जाएंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। अन्य किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद अभियोग पंजीकृत होना एक कानूनी प्रक्रिया है।
डीआईजी आरपी सिंह ने बंदियों को काफी समझाया-बुझाया तो वह उनकी बात मान गए और सभी बंदियों ने दोपहर बाद हड़ताल समाप्त कर खाना खाया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने को लेकर कुछ बंदी अन्य बंदियों को उकसा रहे थे। अब जिला जेल में पूरी तरह शांति है।