डायट रजलामई और ब्लाक समन्वयक केंद्रों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे
शिक्षकों का छह माह का मानदेय अफसरों के आपसी मतभेद में फंस गया है। इससे
खफा प्रशिक्षु शिक्षकों ने वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना
प्रदर्शन कर नारेबाजी की। वित्त एवं लेखाधिकारी गजेंद्र कुमार के कक्ष के
बाहर निकलने पर प्रशिक्षु शिक्षकों ने धक्कामुक्की कर दी। इनको बीएसए के
सामने प्रशिक्षु शिक्षिकाओं ने चूड़ियां दिखाई।
ब्लाक समन्वयक केंद्र
बढ़पुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु शिक्षकों को छह माह से
मानदेय नहीं मिला है। सोमवार को वित्त एवं लेखाधिकारी से मिलकर प्रशिक्षु
शिक्षकों ने मानदेय मांग की लेकिन उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इससे
प्रशिक्षु शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। वह लेखाधिकारी कार्यालय के बाहर
धरने पर बैठ गए और नारेबाजी व हंगामा करने लगे। करीब आधे घंटे बाद कक्ष से
बाहर आए लेखाधिकारी के साथ प्रशिक्षु शिक्षकों ने धक्कामुक्की कर दी।
लेखाधिकारी ने कहा
कि अभी तक अभिलेख सत्यापित होकर नहीं आए हैं। इस कारण
मानदेय भुगतान नहीं हुआ। यह सुनकर प्रशिक्षु शिक्षकों ने कहा कि शासन ने
टीईटी प्रमाण पत्र का सत्यापन कराकर मानदेय दिए जाने का आदेश दिया है। फिर
भी मानदेय नहीं दिया जा रहा है। इसी दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता
आर्येंद्र यादव वहां आ गए। इन्होंने लेखाधिकारी से वार्ता कर वेतन दिलाने
की मांग की। लेखाधिकारी ने बीएसए का स्पष्ट आदेश न होने की जानकारी दी तो
शिक्षक लेखाधिकारी को
लेकर बीएसए के कक्ष में पहुंचे। दोनों अफसरों को आमने
सामने बैठाकर बात की। अफसरों के आपसी मतभेद को लेकर मानदेय रोके जाने से
नाराज प्रशिक्षु शिक्षिकाओं ने चूड़ियां उतार कर वित्त एवं लेखाधिकारी
दिखाई। कहा कि मानेदय नहीं दिला सकते तो चूड़ियां पहन लो। बीएसए के कक्ष से
बाहर निकल कर प्रशिक्षु शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर
प्रदर्शन किया। इनको समझाने के बाद मामला शांत हुआ।
इस दौरान शिवेंद्र
सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, अखिल, वरूण, गौरव, अजीत, पूजा, पूनम, विभा, आदेश,
अनुज, शिवकुमार, इंदु व ज्योति समेत 58 प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित थे।
दोपहर बाद डायट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु शिक्षक बीएसए
कार्यालय पहुंचे और लेखाधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
वर्जन
प्रशिक्षु
शिक्षकों को मानदेय देने का आदेश तीन माह पूर्व जारी कर दिया था। वित्त
एवं लेखाधिकारी बिलों में आपत्ति लगाकर वापस कर रहे है। मानदेय भुगतान किए
जाने की जिम्मेदारी वित्त एवं लेखाधिकारी की है। मानदेय न दिए जाने के कारण
शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। - योगराज सिंह, बीएसए फर्रुखाबाद।
मानदेय
भुगतान संबंधी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया।
बीएसए ने आदेश के साथ शिक्षकों की सूची नहीं भेजी थी। इस कारण मानदेय
भुगतान नहीं हो सका है। शीघ्र मानदेय दिलाया जाएगा।
गजेंद्र सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी