फर्रुखाबाद। डेढ़ साल की बेटी की गला दबाकर हत्या करने के आरोपी पिता बबलू उर्फ डबलू की जमानत अर्जी जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार ने खारिज कर दी। न्यायालय ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से दम घुटने की पुष्टि और विवेचना में सामने आए साक्ष्यों को देखते हुए जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं पाया।
थाना कमालगंज के गांव गुगौरा निवासी खुशबू कुमारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि 20 जुलाई की शाम रंजिश के चलते कुछ लोगों ने घर पर ईंट-पत्थर चलाए। इससे उसकी डेढ़ वर्षीय बेटी जिज्ञासा की मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के दौरान नामजद लोगों की घटना में संलिप्तता और मौजूदगी न मिलने पर उनके नाम अलग कर दिए। इसके बाद पुलिस की जांच में बच्ची की मौत के मामले में उसके पिता बबलू उर्फ डबलू की भूमिका सामने आई। विवेचना में हत्या की धारा 103(1) बीएनएस बढ़ाई गई।
केस डायरी में शामिल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की गर्दन के ऊपर दाएं और बाएं हिस्से में चोट के निशान मिले। चिकित्सक ने मृत्यु का कारण दम घुटना बताया। अभियोजन ने आरोप को जघन्य बताते हुए जमानत का विरोध किया। न्यायालय ने कहा कि आरोपी पर अपनी डेढ़ वर्षीय पुत्री की हत्या का गंभीर आरोप है, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।