बैग चोर तालाब में कूदा, घेराबंदी कर दबोचा
फर्रुखाबाद। दिल्ली से बहन को इलाज के लिए मामा के घर ले जा रहे एक युवक का बैग उचक्कों ने आनंद विहार बस स्टैंड पर उड़ा दिया। शक होने पर चालक और परिचालक की मदद से एक युवक को वहीं दबोच लिया गया। वहां पुलिस ने नहीं सुनी, तो पीड़ित बस से उसे फर्रुखाबाद ले आया। यहां मौका पाकर वह भागने लगा। लोगों ने दौड़ाया रामलीला गड्ढे के तालाब में कूद गया। करीब एक घंटे घेराबदी करके उसे तालाब से निकाल कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पीड़ित को भी हिरासत में बैठा लिया है।
बरेली के थाना फरीदपुर के गांव मेवा सरीफपुर निवासी अफसर का पुत्र वसीम दिल्ली के आनंद पर्वत निवासी अपनी मानसिक बीमार बहन शबनम पत्नी सद्दाम के साथ फर्रुखाबाद आने के लिए रोडवेज बस पर दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन से चढ़ा। वसीम के अनुसार वह बहन का इलाज कराने शाहजहांपुर के मऊ निवासी मामा शहजाद और लियाकत के यहां जा रहा था। आनंद विहार बस स्टैंड पर शनिवार शाम चार-पांच युवक बस में चढ़े। उसकी निगाह चूकते ही उसका बैग उठा ले गए। जब इसका पता चला तो उसने शोर मचाया।
चालक-परिचालकों ने इधर-उधर देखा, तो एक युवक बस के पास से भागने लगा। इस पर उसे दबोच लिया। वहउसे लेकर चौकी गया, मगर पुलिस कर्मियों ने भगा दिया। इस पर परिचालक और वह उसे बस से यहां ले आए। बताया कि रविवार सुबह करीब सात बजे बस से उतरे, तो बहन चीखने लगी। वह उसे संभालने लगा तो आरोपी भाग खड़ा हुआ। लोगों के पीछा करने पर उसने बद्रीविशाल कालेज के सामने पुलिया पर खड़े होकर रामलीला गड्ढे के तालाब में छलांग लगा दी।
युवक बीच तालाब में सीने तक पानी में पहुंच गया। तमाम लोगों ने पूरा तालाब घेर लिया। इसी दौरान वसीम के मामा लियाकत और शहजाद आ गए। लियाकत कुछ स्थानीय युवकों के साथ तालाब में घुस गया और आरोपी निकाल लाया। कुछ लोगों ने उसकी पिटाई भी कर दी। मौके पर पहुंची कादरीगेट चौकी पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस ने आरोपी के साथ पीड़ित को भी हिरासत में बैठा लिया है। आरोपी खुदको राजीव कालोनी गली नंबर दो, डीएलएफ दिल्ली का निवासी बता रहा है। चौकी प्रभारी हरिओम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि घटना आनंद विहार की है। आरोपी नाबालिग है। मामले की जांच की जा रही है।
पीड़ित को अपहरण में जेल भेजने की धमकी
कादरीगेट चौकी पर पीड़ित वसीम ने अपनी बात बताई, तो चौकी प्रभारी ने उसे अपहरण में जेल भेजने की धमकी दे दी। कहा कि वहां पुलिस ने नहीं सुनी, तो यहां लेकर बवाल करेगा। तुझे जेल भेजा जाएगा। इससे पीड़ित सहम गया।
एक घंटे तक नहीं पहुंची पुलिस
रोडवेज के आसपास पुलिस की सक्रियता की पोल खुल गई। एक घंटे तक सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी रही। पुलिस को फोन भी किए गए, मगर एक घंटे तक कोई नहीं पहुंचा। जब आरोपी बाहर निकालकर सड़क की ओर लाया जा रहा था, तब चौकी पुलिस पहुंची।