फर्रुखाबाद। याकूतगंज में बुखार फैलने से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को भी कैंप लगाया। सीएमओ जब निरीक्षण करने पहुंचीं तो उन्हें गांव में जगह-जगह गंदगी व कूड़े के ढेर लगे मिले। वहीं दो अवैध पैथालॉजी व झोलाछाप के क्लीनिक चलते मिले। सीएमओ ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
याकूतगंज में इन दिनों बुखार फैला है। गांव में 11-12 झोलाछाप स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों के संरक्षण में क्लीनिक चला रहे हैं। यही झोलाछाप अवैध पैथालॉजी से मरीजों की जांच कराकर डेंगू की पुष्टि कर देते हैं और फिर उनसे इलाज के नाम पर मनमानी रकम वसूलते हैं। याकूतगंज में बुखार व डेंगू फैलने की खबर प्रकाशित होने के बाद सीएमओ ने गांव में कैंप लगवाया। मंगलवार को दूसरे दिन भी स्वास्थ्य टीम ने बुखार के मरीजों की दवा वितरित करने के साथ उनकी कोरोना व मलेरिया की जांच भी कराई। सीएमओ जब शिविर का निरीक्षण करने पहुंचीं तो उन्हें गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे मिले। स्कूल में भी गंदगी थी। इस पर उन्होंने प्रधान मीरा देवी के पति जितेंद्र यादव से सफाई कराने को कहा। गांव में भ्रमण के दौरान दो अवैध पैथालॉजी चलती मिलीं, जबकि दो झोलाछाप अपने क्लीनिक पर मरीज देख रहे थे। इस पर उन्होंने दो पैथालॉजी व झोलाछापों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
सीएमओ डा.वंदना सिंह ने बताया कि याकूतगंज में बुखार व अन्य बीमारी फैलने का प्रमुख कारण गंदगी है। स्कूल में कैंप लगाने के दौरान शिक्षा विभाग से कोई भी व्यक्ति सहयोग के लिए नहीं पहुंचा। स्कूल में भी झाड़ूू तक न लगाए जाने से काफी गंदगी थी। गांव में अवैध रूप से चल रही पैथालॉजी व झोलाछापों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेेश दिए हैं।
169 लोगों की हुई जांच
बरौन सीएचसी की स्वास्थ्य टीम में फार्मासिस्ट शिवम कटियार, स्टाफ नर्स प्रतिभा भारती, लैब टेक्नीशियन संदीप गंगवार व पूजा ने गांव में कैंप लगाया। बुखार पीड़ितों सहित कुल 169 लोगों की जांच की गई। इसमें दो लोग कोरोना पॉजिटिव निकले। एक की मलेरिया जांच की गई।