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29 ग्राम पंचायतों का ऑडिट लटका, सचिवों को एफआईआर की चेतावनी

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प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद मोहम्मदाबाद की 29 ग्राम पंचायतों से अभी तक अभिलेख न मिल पाने से ऑडिट लटक गया है। ऑडिट टीम की शिकायत पर डीपीआरओ ने संबंधित सचिवों को अभिलेख उपलब्ध न कराने पर एफआईआर की चेतावनी दी।
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इसके साथ ही एडीओ को 21 मार्च तक ऑडिट न कराने पर कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है। वहीं, ऑडिट न होने पर निवर्तमान प्रधानों को नो ड्यूज मिलने में रोड़ा लग सकता है।
ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 को समाप्त हो चुका है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर 13 दिन ही शेष हैं। इससे जनपद की सभी ग्राम पंचायतों का ऑडिट चल रहा है। विकास खंड मोहम्मदाबाद की 26 ग्राम पंचायत के सचिवों ने ग्राम पंचायत में व्यय संबंधी अभिलेख नहीं दिए, इससे उनका ऑडिट नहीं हो पा रहा है।
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ऑडिट टीम के ज्येष्ठ लेखा परीक्षक विनय कुमार तिवारी व प्रभात कुमार ने डीपीआरओ को पत्र सौंपा। इसमें कहा कि ग्राम पंचायत गैसिंगपुर, गोसरपुर, मुड़गांव, सितवनपुर पिथू, कुरेली, तेरा, मदनपुर, कटिन्ना मानिकपुर, सकवाई, निसाई, नदौरा, अर्जुनपुर, धीरपुर, अलावलपुर, हरकमपुर, मानिकपुर दहेलिया, ऊगरपुर, पिपरगांव, पट्टी खुर्द, बराकेशव, पुठरी, दहेलिया, नीबकरोरी, पसनिंगपुर, नगला बाग रठौरा, नंदसा, दाउदपुर मजरा नंदसा, दाउदपुर नगला बाग व ज्योता के विकास कार्यों संबंधी अभिलेख नहीं सौंपे गए।
इससे ऑडिट नहीं हो पा रहा है। इन ग्राम पंचायतों में सचिव विनय सिंह चौहान, अखिलेश कुमार, रणवीर सिंह, अभयराज, अरविंद सिंह, यशकांत, सिद्धार्थ गुप्ता, सुभाष कठेरिया व योगेंद्र कुमार से कई बार अभिलेख मांगे, लेकिन नहीं दिए गए।
डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने प्रभारी एडीओ विनय सिंह चौहान को इस संबंध में पत्र जारी कर संबंधित सचिव द्वारा अभिलेख न देने पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए।
इसमें शिथिलता बरतने पर संलिप्तता मानते हुए कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है। डीपीआरओ ने बताया कि ऑडिट न कराने वाले निवर्तमान प्रधानों को नोड्यूज न देने के संबंध में वह जिलाधिकारी व सीडीओ के सामने प्रस्ताव रखेंगे।
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