संकिसा। बौद्ध तीर्थ स्थल में चल रहे दो दिवसीय कार्तिक कौमुदी बुद्ध महोत्सव का धम्म यात्रा के साथ समापन हो गया। धम्मयात्रा में ढोल नगाड़ों पर युवा उत्साहित दिखे।
महिला सम्मेलन में मुख्य वक्ता श्रद्धा बजरी ने कहा कि भगवान बुद्ध के पंचशील के रास्ते पर चलने से ही स्वर्ग मिलना संभव है।
कौमुदी महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को मंजूश्री रत्ना की अध्यक्षता में महिला सम्मेलन हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य ने कहा कि हर महिला को भगवान बुद्ध के पंचशील पर चलना बेहद जरूरी है। मुख्य वक्ता श्रद्धा बजरी ने कहा कि सभी लोग बुद्ध के बताए हुए रास्ते पर चलें, जो लोग बुद्ध के पंचशील से भटक जाते हैं, वह इस संसार रूपी मझधार में डोलते रहते हैं।
शाम को शाहजहांपुर के तिलहर की विधायक सलोनी कुशवाहा ने धम्म यात्रा का हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्तूप पर कड़ी सुरक्षा में बौद्ध अनुयायियों ने परिक्रमा की। इसके बाद पूजा पाठ किया।
भंते संघरक्षिता बौद्ध ने बुद्ध वंदना एवं परित्राण पाठ का पाली भाषा में उद्बोधन कराया। बौद्ध स्तूप परिसर में स्थित बौद्ध मंदिर में गए। वहां मोमबत्ती, अगरबत्ती प्रज्ज्वलित कर पूजा अर्चना की। इसके बाद खीर व लड्डू का प्रसाद बांटा गया। इसमें भंते नागसेन, भंते धम्मकीर्ति, भंते चैतसिक बौद्ध, सुरेश बौद्ध, सुनील दत्त शाक्य एडवोकेट, सत्य प्रकाश शाक्य, देवेश शाक्य, वीर सिंह , दीप सिंह शाक्य, पवन शाक्य, पंकज शाक्य आदि मौजूद रहे।
फोटो- 21 संकिसा स्थित बौद्ध स्तूप पर पूजा अर्चना करते बौद्ध श्रद्धालु। संवाद