फर्रुखाबाद पुलिस पर हमला कर परिजनों ने सट्टा माफिया को छुड़ा लिया। लाठी-डंडे चलने और पथराव में तीन पुलिस कर्मी, एक होमगार्ड घायल हो गए। मोहल्ले में भगदड़ मच गई। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत सात नामजद और छह अज्ञात लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
शहर कोतवाली के तिकोना चौकी प्रभारी जितेंद्र पटेल, सिपाहियों विनोद कुमार, ललित कुमार, चीता मोबाइल के सिपाही विक्रम और होमगार्ड भैयालाल के साथ गुरुवार देर रात गश्त पर थे। सट्टे की खाईबाड़ी की सूचना पर वह मोहल्ला बजरिया सालिगराम पहुंचे।
वहां सट्टे की पर्ची लिख रहे सौरभ नामक सट्टा माफिया को पकड़ा। पुलिस उसकी तलाशी ले रही थी कि वह चीखने लगा। आवाज सुनकर तमाम लोगों ने लाठी-डंडे लेकर पुलिस पर हमला बोल दिया। इसी दौरान कुछ लोगों ने छतों से पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।
लोग सट्टा माफिया सौरभ को छुड़ाने के साथ उसके पास मिली सट्टा में प्रयुक्त सामग्री भी ले गए। हमला होते ही पुलिस मौके से भाग खड़ी हुई। मोहल्ले में हड़कंप मच गया। बमुश्किल पुलिस ने अपनी जान बचाई। हमले में घायल सिपाही ललित कुमार, विक्रम, विनोद कुमार और होमगार्ड भैयालाल का लोहिया अस्पताल में डॉक्टरी परीक्षण कराया है।
चौकी प्रभारी जितेंद्र पटेल ने सट्टा माफिया सौरभ वर्मा के भाई अखिलेश, गौरव, कुंदन, राजू व दुर्गा, पूजा और हेमा समेत छह अज्ञात पर सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस मुजामत, 7 क्रिमिनल एक्ट लॉ समेत कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। आरोपी अपने परिजनों संग फरार है।