कमालगंज। तहसील दिवस में हुई शिकायत पर कस्बा के रेलवे तिराहे के पास सड़क किनारे से अतिक्रमण हटवाने और मलबा उठाने अधिकारियों की टीम पहुंची। दुकानों का मामला उच्च न्यायालय में चलने की जानकारी दुकानदार ने दी, लेकिन जैसे ही जेसीबी ने दुकान की तरफ पंजा घुमाया, एक फोन नायब तहसीलदार के पास आ गया। कुछ देर बात करने के बाद अधिकारी कब्जा हटाए बिना लौट गए।
तहसील दिवस में जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी कि रेलवे तिराहे से हनुमान मंदिर तक सड़क किनारे अतिक्रमण 20 अप्रैल को हटाया गया था। शास्त्री नगर निवासी मुन्नालाल ने सड़क किनारे नाले के आगे बांस बल्ली लगाकर सामान बेचना शुरू कर दिया।
उनकी दुकान के सामने पड़े मलबे व अतिक्रमण को हटाया जाए। गुरुवार को नायब तहसीलदार हर्षित कुमार, पीडब्ल्यूडी जेई वीरपाल, कोर्ट बाबू योगेश कुमार, अधिशासी अधिकारी मुन्ना कुमार आदि नगर पंचायत कर्मचारियों व पुलिस बल के साथ रेलवे तिराहे के निकट पहुंचे। यहां नायब तहसीलदार हर्षित ने मुन्नालाल से अतिक्रमण के संबंध में बातचीत की। उन्होंने भूमि से संबंधित अभिलेख नायब तहसीलदार को दिखाए।
कहा कि वह नाले पर अतिक्रमण नहीं किए हैं। जिस भूमि पर वह दुकान रखे हैं, उसके कागज आदि उनके पास हैं। मामला हाईकोर्ट प्रयागराज में चल रहा है। सात जुलाई को तारीख है।
दुकानों के तोड़े गए कुछ मलबे को जेसीबी मशीन से ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर हटाया गया। अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी का पंजा घुमाया तो मुन्नालाल खुद ही सामान हटाने लग गए। मुन्नालाल के पुत्र ने किसी से फोन कर न्यायालय में मामला होने की बात कही। कुछ ही देर में नायब तहसीलदार के पास फोन आ गया, और फोन पर बातचीत के बाद टीम वापस चली गई।