भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय महामंत्री और पंचायत चुनाव के जिला
प्रभारी सुरेश अवस्थी ने सोमवार को यहां उम्मीदवारों के मन की बात जानने का
प्रयास किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दूसरे दल के लोगों के आवेदन
स्वीकारने पर नाराजगी जताई। इस मुद्दे पर काफी बखेड़ा हुआ। पांचालघाट स्थित
नारायन आश्रम में सोमवार को जिले के पंचायत चुनाव प्रभारी
सुरेश अवस्थी ने
पार्टी की मजबूती पर बल दिया। कहा कि जिताऊ उम्मीदवारों के चयन को
प्राथमिकता दी जाएगी। पंचायत चुनाव, 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों
का रिहर्सल हैं। दूसरे दलों से आए लोगों के आवेदनों पर भी विचार किया
जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं का मंसूबा पंचायत चुनाव पर
कब्जा करने का है। हमारी पार्टी के
कार्यकर्ता कमजोर नहीं हैं। वह मुंहतोड़
जवाब देने में सक्षम हैं। उन्होंने माना कि प्रत्याशी को समर्थन देने के
मामले में पार्टी पिछड़ रही है। इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं है।
कार्यकर्ता ऊंचे मनोबल से उम्मीदवारों को चुनाव जिताएं।
इससे पहले
पंचायत चुनाव का काम देख रहे रूपेश गुप्ता ने सभी वार्डों से आए आवेदनों को
पढ़कर सुनाया। जिले के
पर्यवेक्षक ने इस पर नेताओं से अपने सुझाव मांगे।
पूर्व सांसद चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि पार्टी जिसको भी समर्थन दे,
कार्यकर्ता उसे भारी मतों से जिताएं। इस मौके पर पूर्व विधायक सुशील शाक्य,
अर्चना पांडेय, जिलाध्यक्ष दिनेश कटियार,
सत्यपाल सिंह, अमर सिंह खटिक,
विजय गुप्ता, भाष्कर दत्त द्विवेदी, प्रांशुदत्त द्विवेदी, डा. फूल सिंह
शाक्य, प्रभात अवस्थी, प्रदीप सक्सेना, शैलेंद्र राठौर, अजीत महाजन,
शैलेंद्र राजपूत, विमल कटियार, पवन गौतम, दिलीप भारद्वाज, लालाराम शाक्य,
सुमन राठौर, ममता सक्सेना, मीरा सिंह आदि मौजूद रहे।
खूब लगे आरोप
बैठक
शुरू होते ही जिला पंचायत चुनाव में आए आवेदकों के नाम पढ़कर सुनाए गए। इस
पर जिले के पर्यवेक्षक सुरेश अवस्थी ने लोगों से सुझाव मांगे। नगर
महामंत्री धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि उनकी मां पुष्पलता वर्मा ने बढ़पुर
प्रथम से दावेदारी की है। चयन समिति के एक सदस्य ने उनसे साफ कह दिया कि इस
वार्ड के लिए पहले से उम्मीदवार तय हो
गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि
जिले के नेता सभी जगह कहते घूम रहे हैं कि सभी सीटों पर प्रत्याशी तय हो
चुके हैं। ऐसे में बैठक का कोई औचित्य ही नहीं है। मीडिया प्रभारी दिलीप
भारद्वाज ने कहा कि पार्टी के एक प्रमुख पदाधिकारी ने फोन पर एक आवेदक से
टिकट मांगने पर कहा कि उस सीट का निर्णय पहले ही हो चुका है। उन्होंने कहा
कि उनको मौका
दिया जाए तो वह इस बात के प्रमाण के लिए रिकार्डिंग प्रस्तुत
कर सकते हैं। इसके बाद कई कार्यकर्ताओं ने खड़े होकर कहा कि कुछ नेता रातों
रात टिकट के दावेदारों को सक्रिय सदस्य बना रहे हैं। इस पर कार्यकर्ताओं
ने सक्रिय सदस्यों की जांच की मांग की। बैठक में मौजूद लोगों ने एक स्वर
में कहा कि किसी भी कीमत पर पार्टी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज नहीं किया
जाए। ऐसा होने पर पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सुनी मन की बात
बैठक
समाप्त होने के बाद पर्यवेक्षक ने बंद कमरे में एक एक कर कार्यकर्ताओं और
दावेदारों से उनके मन की बात जानी। उन्होंने कहा कि किसी कीमत पर पार्टी को
नुकसान पहुंचाने वाले लोगों का समर्थन नहीं किया जाएगा।
बैठक से नदारद रहे कई बड़े नेता
जिला
पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों को तय करने के लिए हुई बैठक में पार्टी के
कई वरिष्ठ नेता नदारद रहे। संासद मुकेश राजपूत, मेजर सुनील दत्त द्विवेदी,
पूर्व कमिश्नर राजीव सिंह, डा. रजनी सरीन, पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार बैठक
में नहीं दिखे। बैठक समाप्त होने के बाद भाजयुमो के राष्ट्रीय मंत्री
प्रांशुदत्त द्विवेदी और सांसद मुकेश राजपूत वहां पहुंचे।